कानपुर। रक्षाबंधन के मौके पर कानपुर में एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया। पिता को खो चुकी ईशू कानपुर के डीएम को राखी बांधने पहुंची। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी है कि उसकी पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था।
ईशू की मां दूसरों के घरों में बर्तन साफ कर परिवार का गुजारा करती हैं और बेटी की स्कूल फीस भी कई महीनों से बाकी थी।
डीएम से मुलाकात के दौरान ईशू ने अपनी परेशानी बताई और कहा-"सर, मैं पढ़ना चाहती हूं।" बच्ची की बात सुनकर डीएम ने उसकी स्थिति को गंभीरता से लिया और पढ़ाई में मदद का भरोसा दिया।
फीस की चिंता दूर कर पढ़ाई जारी रखने का भरोसा
ईशू के सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छूटने की थी। पिता के नहीं होने और मां की सीमित आमदनी के चलते परिवार फीस जमा नहीं कर पा रहा था।
डीएम ने बच्ची की बात सुनकर उसकी पढ़ाई में सहयोग का निर्णय लिया। प्रशासन की इस पहल से ईशू और उसके परिवार को बड़ी राहत मिली।
राखी के रिश्ते को डीएम ने दिया भरोसे का सहारा
रक्षाबंधन पर ईशू डीएम को राखी बांधने पहुंची थी, लेकिन यह मुलाकात उसके लिए सिर्फ त्योहार का हिस्सा नहीं रही। जिस बेटी ने अपने सपनों को बचाने के लिए मदद मांगी, उसे प्रशासन की ओर से आगे पढ़ने का भरोसा मिला।
ईशू की आंखों में पढ़ाई जारी रखने का सपना था और डीएम के भरोसे ने उस सपने को नया सहारा दिया। यह मदद सिर्फ फीस भरने तक सीमित नहीं, बल्कि एक बेटी के हौसले को थामने की मिसाल बन गई।

