अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति को लेकर चल रहा इंतजार अब खत्म होने वाला है। CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है।
अब 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की अहम बैठक में अंतिम नाम पर मुहर लग सकती है।
5,585 आवेदनों से शुरू हुई थी तलाश
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए देशभर से 5,585 आवेदन मिले थे। स्क्रीनिंग और कई चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। चयन समिति ने नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक अनुभव, प्रबंधन और ईमानदारी जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अंतिम तीन नामों का पैनल तैयार किया है।
रेस में कौन-कौन?
CEO पद को लेकर सार्वजनिक रूप से जिन नामों की चर्चा है, उनमें पूर्व IPS राजेश पांडेय, बिहार के IPS परेश सक्सेना, उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व IPS दिनेश चंद्र और पूर्व IAS अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा का नाम सामने आया है। हालांकि, इन चार चर्चित नामों में से कौन-कौन वास्तव में सर्च कमेटी के अंतिम तीन नामों वाले पैनल में हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इनमें पूर्व IPS राजेश पांडेय का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। कुछ रिपोर्टों में उन्हें संभावित दावेदारों में सबसे आगे बताया गया है, लेकिन अंतिम फैसला ट्रस्ट ही करेगा।
आज की बैठक पर टिकी निगाहें
अयोध्या में होने वाली बैठक में CEO के अलावा ट्रस्ट के कुछ अन्य महत्वपूर्ण पदों और समितियों के पुनर्गठन पर भी चर्चा हो सकती है। ऐसे में यह बैठक राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है-क्या राजेश पांडेय के नाम पर मुहर लगेगी या तीन सदस्यीय पैनल में शामिल किसी दूसरे चेहरे को राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी?
फैसला आज ट्रस्ट की बैठक के बाद तस्वीर साफ करेगा।

