मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रधान सचिव रहे सेवानिवृत्त IAS अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता के लिए इंतज़ार आखिरकार खत्म हो गया है। हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को उन्हें हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
ऊर्जा विभाग ने 'विद्युत अधिनियम, 2003' की धारा 82 और 89 के तहत नियुक्ति का औपचारिक आदेश जारी किया। गुप्ता को मुख्यमंत्री सैनी का करीबी माना जाता है।
ऊर्जा विभाग की आयुक्त और सचिव, आशिमा बराड़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, गुप्ता का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से पांच साल तक, या उनके 65 वर्ष की आयु पूरी करने तक—जो भी पहले हो—रहेगा। 1992 बैच के IAS अधिकारी गुप्ता इस साल 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति से पहले, वह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत थे और उनके पास वित्त सचिव का प्रभार भी था। राज्य सरकार ने पहले उनकी सेवा में एक साल के विस्तार की मांग की थी।
उनकी यह नियुक्ति हरियाणा के बिजली क्षेत्र में हो रहे अहम घटनाक्रमों के बीच हुई है। इनमें विशेष रूप से HERC द्वारा गुरुग्राम और नूंह में एक निजी कंपनी को 25 वर्षों के लिए 'समांतर बिजली वितरण लाइसेंस' (parallel electricity distribution licence) देने का प्रस्ताव शामिल है। इस प्रस्ताव को लेकर काफी बहस छिड़ गई थी, और राजनीतिक नेताओं तथा बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों सहित कई हितधारकों ने इस पर आपत्ति जताई थी।

