लाइफ स्टाइल : दिवाली का त्योहार आते ही घरों में मिठाइयों की खुशबू फैलने लगती है। बाजारों में काजू कतली, रसगुल्ले, गुलाब जामुन, लड्डू और तरह-तरह की मिठाइयों की बिक्री बढ़ जाती है।
खासतौर पर दिवाली के मौके पर काजू कतली लोगों की पहली पसंद मानी जाती है। लेकिन हर साल एक जैसी मिठाई खाकर अगर आप भी बोर हो चुके हैं, तो इस बार कुछ नया ट्राई कर सकते हैं। खास बात यह है कि इसके लिए आपको महंगे काजू या मावा खरीदने की जरूरत नहीं है। घर में आसानी से मिलने वाली मूंगफली से भी बेहद स्वादिष्ट और मुलायम बर्फी तैयार की जा सकती है।
मूंगफली की बर्फी स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ बनाने में भी काफी आसान है। इसे तैयार करने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती। मूंगफली, चीनी, दूध और घी जैसी सामान्य चीजों से आप घर पर ही शानदार मिठाई बना सकते हैं। कम खर्च में बनने वाली यह बर्फी बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आ सकती है। दिवाली पर मेहमानों का मुंह मीठा कराने के लिए भी यह एक अच्छा विकल्प है।
बाजार में मिलने वाली काजू कतली की कीमत अक्सर काफी ज्यादा होती है। ऐसे में हर परिवार के लिए अधिक मात्रा में इसे खरीदना आसान नहीं होता। दूसरी ओर मूंगफली अपेक्षाकृत सस्ती और आसानी से उपलब्ध होती है। यही वजह है कि मूंगफली की बर्फी त्योहार के मौके पर बजट के अनुकूल मिठाई साबित हो सकती है। इसके अलावा इसे घर पर बनाने से आप अपनी पसंद के अनुसार मिठास और घी की मात्रा भी तय कर सकते हैं।
मूंगफली की बर्फी बनाने के लिए सबसे पहले लगभग 250 ग्राम कच्ची मूंगफली लें। इसके अलावा 150 ग्राम चीनी, आधा कप दूध, दो बड़े चम्मच घी और आधा चम्मच इलायची पाउडर की जरूरत होगी। सजावट के लिए आप बारीक कटे हुए पिस्ता, बादाम या नारियल के बुरादे का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि सजावट की सामग्री पूरी तरह वैकल्पिक है।
सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही को मध्यम आंच पर गर्म करें। इसमें मूंगफली डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। मूंगफली को तब तक भूनना है, जब तक उसका कच्चापन दूर न हो जाए और छिलका आसानी से निकलने लगे। ध्यान रखें कि मूंगफली ज्यादा न भुन जाए, क्योंकि जलने पर उसका स्वाद कड़वा हो सकता है।
भूनने के बाद मूंगफली को एक प्लेट में निकालकर ठंडा होने दें। जब यह पूरी तरह ठंडी हो जाए, तब हाथों से रगड़कर उसका छिलका अलग कर लें। इसके बाद मूंगफली को मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें। पीसते समय मिक्सर को थोड़ी-थोड़ी देर के लिए चलाएं, ताकि मूंगफली अपना तेल छोड़कर पेस्ट जैसी न बनने लगे। बर्फी के लिए बारीक और हल्का दरदरा पाउडर उपयुक्त रहता है।
अब बर्फी की चाशनी तैयार करें। इसके लिए कड़ाही में चीनी और लगभग आधा कप पानी डालकर गर्म करें। चीनी पूरी तरह घुलने के बाद चाशनी को कुछ देर पकाएं। जब चाशनी हल्की गाढ़ी होकर एक तार की अवस्था के करीब पहुंच जाए, तब उसमें पिसी हुई मूंगफली डालें। इसके बाद मिश्रण को धीमी आंच पर लगातार चलाते रहें।
मूंगफली और चाशनी अच्छी तरह मिल जाने के बाद इसमें थोड़ा-थोड़ा दूध डाल सकते हैं। ध्यान रखें कि दूध डालने से मिश्रण नरम बनेगा, लेकिन अधिक दूध डालने पर बर्फी जमने में परेशानी हो सकती है। इसलिए दूध की मात्रा जरूरत के अनुसार ही रखें। इसके बाद दो बड़े चम्मच घी डालकर मिश्रण को अच्छी तरह पकाएं।
जब मिश्रण कड़ाही के किनारे छोड़ने लगे और एक गाढ़े आटे जैसी अवस्था में आ जाए, तब उसमें इलायची पाउडर मिला दें। इलायची की खुशबू बर्फी के स्वाद को और बेहतर बनाती है। अब गैस बंद कर दें और मिश्रण को तुरंत घी लगी हुई थाली या ट्रे में निकाल लें।
मिश्रण को चम्मच या बेलन की मदद से समान रूप से फैला दें। बर्फी की मोटाई अपनी पसंद के अनुसार रख सकते हैं। इसके ऊपर बारीक कटे पिस्ता या बादाम डालकर हल्के हाथों से दबा दें, ताकि मेवे अच्छी तरह चिपक जाएं। अब इसे कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें।
लगभग एक से दो घंटे में मिश्रण पर्याप्त ठंडा और सख्त हो सकता है। हालांकि जमने का समय मिश्रण में मौजूद नमी और कमरे के तापमान पर निर्भर करेगा। बर्फी जमने के बाद चाकू की मदद से इसे चौकोर या डायमंड आकार में काट लें। इस तरह आपकी स्वादिष्ट मूंगफली बर्फी तैयार हो जाएगी।
मूंगफली की बर्फी का स्वाद बेहतर बनाने के लिए कुछ छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे महत्वपूर्ण है मूंगफली को सही तरीके से भूनना। यदि मूंगफली कच्ची रह जाएगी, तो बर्फी में उसका कच्चापन महसूस होगा। वहीं ज्यादा भूनने से स्वाद खराब हो सकता है। इसी तरह चाशनी बहुत पतली होने पर बर्फी ठीक से नहीं जमेगी और ज्यादा गाढ़ी होने पर मिठाई सख्त बन सकती है।
मूंगफली में प्रोटीन, स्वास्थ्यवर्धक वसा और कुछ आवश्यक खनिज पाए जाते हैं। हालांकि बर्फी में चीनी और घी भी शामिल होते हैं, इसलिए इसे पौष्टिक मिठाई मानकर अधिक मात्रा में खाना उचित नहीं है। खासतौर पर मधुमेह या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों वाले लोगों को अपनी आहार संबंधी जरूरतों के अनुसार मिठाई का सेवन करना चाहिए। मूंगफली से एलर्जी वाले लोगों के लिए यह मिठाई सुरक्षित नहीं है।
अगर आप बर्फी को थोड़ा अलग स्वाद देना चाहते हैं, तो इसमें नारियल का बुरादा या थोड़ी मात्रा में कोको पाउडर भी मिला सकते हैं। कुछ लोग इसमें गुड़ का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। हालांकि गुड़ डालने पर मिठाई का रंग, स्वाद और जमने की प्रक्रिया बदल सकती है।
मूंगफली की बर्फी को किसी साफ और एयरटाइट डिब्बे में रखकर फ्रिज में सुरक्षित रखा जा सकता है। खासकर दूध वाली बर्फी को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर नहीं रखना चाहिए। इसे छोटे बैच में बनाना और कुछ दिनों के भीतर इस्तेमाल करना बेहतर है।
इस दिवाली अगर आप बाजार की महंगी मिठाइयों से कुछ अलग बनाना चाहते हैं, तो मूंगफली की बर्फी जरूर ट्राई कर सकते हैं। यह कम सामग्री में तैयार होने वाली ऐसी मिठाई है, जिसे आप अपने परिवार के साथ मिलकर आसानी से बना सकते हैं। त्योहार पर घर में बनी मिठाई का स्वाद और अपनों के साथ उसे बांटने की खुशी इस रेसिपी को और भी खास बना सकती है।

