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गाँव के द्वार पहुँची डिजिटल सरकार

गाँव के द्वार पहुँची डिजिटल सरकार

कोंडागांव। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का निरीक्षण कर ग्रामीण डिजिटल सुशासन के अभिनव मॉडल 'सेवा सेतु' की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संवाद कर योजनाओं की पहुंच, पारदर्शिता और प्रभाव के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ ग्रामीणों को उनके गांव में ही सहज, सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि 'सेवा सेतु' अभियान और अटल डिजिटल सुविधा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं, जिनसे आमजन को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर लगाने से मुक्ति मिल रही है। मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान ग्राम की हितग्राही कौशल्या मानिकपुरी ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्त हो रही है, जिससे घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से खेती-किसानी संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिली है।

इसी प्रकार सुमति मानिकपुरी, श्रीमती अमिल मानिकपुरी तथा पचमती बघेल ने मुख्यमंत्री को बताया कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाया है और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहारा दिया है। वृद्धावस्था पेंशन और महतारी वंदन योजना का लाभ प्राप्त कर रही श्रीमती वेंकटरमणा जंगम ने भी योजनाओं की नियमित उपलब्धता पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उनसे चर्चा करते हुए कहा कि सरकार प्रत्येक गरीब, किसान और महिला तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

'गाँव के द्वार, डिजिटल सरकार' का साकार हो रहा संकल्प

ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में संचालित 'सेवा सेतु' अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं को ग्रामीणों तक त्वरित, सरल और सुलभ तरीके से पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर अनेक शासकीय, वित्तीय और डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे सुशासन की अवधारणा जमीनी स्तर पर साकार होती दिखाई दे रही है।

एक ही छत के नीचे मिल रही दर्जनों डिजिटल और शासकीय सेवाएं

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र में आवेदन प्रेषण के लिए मात्र 30 रुपये तथा प्रिंट आउट के लिए 5 रुपये प्रति पृष्ठ की दर से सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। केंद्र के माध्यम से आय, जाति, मूल निवासी प्रमाण पत्र, जन्म एवं मृत्यु पंजीयन, विवाह पंजीयन तथा भवन निर्माण अनुज्ञा जैसी सेवाएं ग्रामीणों को गांव में ही मिल रही हैं। इसके अतिरिक्त नगद आहरण, फंड ट्रांसफर, पेंशन सेवाएं, जीवन, सामान्य एवं कृषि बीमा, पैन कार्ड एवं पासपोर्ट आवेदन, बिजली बिल भुगतान, यात्रा टिकट बुकिंग तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का ऑनलाइन पंजीयन भी इसी केंद्र के माध्यम से किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों का समय, श्रम और आर्थिक व्यय उल्लेखनीय रूप से कम हुआ है।

हर माह 15 से 20 लाख रुपये का डिजिटल लेन-देन, स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र में 'सेवा सेतु मैनेजर' के रूप में कार्यरत संजय मिश्रा ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 15 से 20 लाख रुपये का डिजिटल ट्रांजेक्शन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस पहल ने न केवल ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं, जिससे युवाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

ग्रामीणों के समय, श्रम और धन की बचत का माध्यम बना सेवा सेतु

बड़ेकनेरा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि अब विभिन्न शासकीय सेवाओं और योजनाओं का लाभ गांव में ही उपलब्ध हो जाने से उन्हें दूरस्थ कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इससे समय, श्रम और धन की बचत हो रही है तथा शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। बड़ेकनेरा का 'सेवा सेतु' मॉडल अब ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण, पारदर्शी सेवा वितरण और सुशासन की नई मिसाल के रूप में उभर रहा है।

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