Hyderabad: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के कथित कोयला 'घोटाले' के सिलसिले में तेलंगाना सहित चार राज्यों में राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पीएसी के 10 से अधिक कार्यालय परिसरों में नए सिरे से तलाशी ली।
ईडी के अनुसार, छापे बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली के स्थानों पर किए जा रहे हैं, जिसमें बेंगलुरु में आई-पीएसी के सह-संस्थापक और निदेशक ऋषि राज सिंह और मुंबई में नायर का परिसर शामिल है। जनवरी के बाद ईडी द्वारा आई-पीएसी के खिलाफ यह दूसरी छापेमारी है।
अधिकारियों के अनुसार, पश्चिम बंगाल के आसनसोल और उसके आसपास के कुनुस्तोरिया और कजोरा इलाकों में ईस्टर्न कोलफील्ड्स की खदानों से संबंधित कथित बहु-करोड़ रुपये के कोयला चोरी घोटाले पर नवंबर 2020 में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर देश भर में छापे मारे जा रहे हैं। लिमिटेड, I-PAC की रजिस्टर्ड कंपनी है। ED ने आरोप लगाया था, 'IPAC भी हवाला के पैसे से जुड़ी एंटिटी में से एक है।'
एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी ने पहले दावा किया था कि पश्चिम बंगाल में कथित कोयला चोरी से पैदा हुए लगभग 20 करोड़ रुपये के हवाला फंड I-PAC तक पहुंचे। यह ऑर्गनाइज़ेशन 2021 से तृणमूल कांग्रेस (TMC) और पश्चिम बंगाल सरकार को पॉलिटिकल कंसल्टेंसी दे रहा है।ED अधिकारियों ने कहा कि ये `20 करोड़ के 'हवाला' फंड मुंबई की एक 'अंगड़िया' फर्म ने भेजे थे, जो आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े दिल्ली शराब 'स्कैम' मामले की जांच के दौरान एजेंसी के निशाने पर आई थी।
एजेंसी ने आरोप लगाया था कि दिल्ली एक्साइज पॉलिसी 'स्कैम' से पैदा हुए `45 करोड़ के रिश्वत AAP ने अपने 2022 गोवा असेंबली चुनाव कैंपेन के लिए भेजे थे। एजेंसी ने दावा किया कि जैन ने गोवा में I-PAC के ऑपरेशन 'हैंडल' किए थे।

