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Indore : जल गंगा अभियान की बड़ी सफलता

Indore : जल गंगा अभियान की बड़ी सफलता

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर नगर निगम (IMC) ने जल गंगा संरक्षण अभियान के तहत शहर में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कार्य किए हैं। अभियान के समापन पर मंगलवार को नगर निगम प्रशासन ने इसकी उपलब्धियां साझा कीं।

इस दौरान बताया गया कि अभियान के अंतर्गत 137 कुओं को पुनर्जीवित किया गया, 15 बावड़ियों का संरक्षण किया गया, 10 तालाबों को गहरा और सुंदर बनाया गया तथा 24 जल संरचनाओं से जुड़े लगभग 22 किलोमीटर लंबे फीडर चैनलों का पुनर्निर्माण और सुधार किया गया।

नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान शहर में जल संरक्षण को मजबूत करने और भूजल स्तर को सुधारने के उद्देश्य से चलाया गया था। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान केवल पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जल प्रबंधन को भी मजबूत किया गया।

अभियान के तहत शहर में 10,453 भवनों में वर्षा जल संचयन (रेनवॉटर हार्वेस्टिंग) संरचनाओं को अनिवार्य और सुनिश्चित किया गया। इससे वर्षा के पानी को संरक्षित कर भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह कदम आने वाले समय में पानी की कमी की समस्या को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रयास किए गए। अभियान के दौरान 75 रिचार्ज शाफ्ट बनाए गए और 100 बंद पड़े बोरवेल को रिचार्ज शाफ्ट में परिवर्तित किया गया। इससे वर्षा जल और सतही जल को सीधे जमीन के अंदर पहुंचाकर जल स्तर को सुधारने का प्रयास किया गया है।

इसके अलावा, नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए भी व्यापक स्तर पर अभियान चलाया गया। इस दौरान 60 सार्वजनिक पेयजल कियोस्क स्थापित किए गए ताकि आम लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही छह बड़े जागरूकता अभियान और 183 जोन स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य इंदौर को जल-सुरक्षित शहर बनाना है। तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के कारण जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए इस तरह के कदम बेहद आवश्यक हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, इंदौर में किए गए ये प्रयास न केवल शहर के वर्तमान जल संकट को कम करने में मदद करेंगे, बल्कि भविष्य के लिए एक स्थायी जल प्रबंधन मॉडल भी तैयार करेंगे। पारंपरिक जल संरचनाओं जैसे कुएं, बावड़ियां और तालाबों का पुनर्जीवन पर्यावरण संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा कि यह अभियान केवल एक प्रशासनिक पहल नहीं बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा हुआ प्रयास है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जल संरक्षण की इन पहलों को आगे भी जारी रखें और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

अभियान के सफल समापन के साथ इंदौर ने एक बार फिर यह दिखाया है कि सही योजना और जनभागीदारी के माध्यम से जल संकट जैसी गंभीर समस्या का समाधान संभव है। आने वाले समय में नगर निगम इस तरह की और योजनाओं को लागू करने की तैयारी में है।

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