Bihar बिहार:बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल के दौरान ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई जीविका योजना का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
राज्य सरकार द्वारा चलाई गई विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए हैं, जिसका सकारात्मक परिणाम ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है।
नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू की गई इन पहलों का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को समूहों के माध्यम से संगठित कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। इसी कड़ी में जीविका दीदियों को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण, संसाधन और बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।
बगहा-दो प्रखंड में जीविका समूह से जुड़ी महिलाएं अब केवल पारंपरिक घरेलू कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपने हुनर के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। यहां की महिलाएं पोशाक सिलाई जैसे कार्यों से जुड़कर न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं।
बगहा-II प्रखंड में जीविका समूहों की महिलाएं सामूहिक रूप से काम करते हुए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। पहले जहां रोजगार के सीमित अवसर थे, वहीं अब जीविका के माध्यम से महिलाओं को नियमित काम और आय का साधन मिल रहा है।
इन महिलाओं का कहना है कि जीविका समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब वे न केवल घर के खर्च में योगदान दे रही हैं, बल्कि अपने बच्चों की शिक्षा और परिवार की नौकरियों को भी बेहतर तरीकों से पूरा कर पा रही हैं।
सरकारी योजनाओं के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे सिलाई, कढ़ाई और अन्य छोटे उद्योगों में दक्ष हो सकें। इसके साथ ही उन्हें बाजार से जोड़ने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि उनके उत्पादों को उचित मूल्य मिल सके।
स्थानीय स्तर पर इस पहल से महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में अब महिला समूहों के माध्यम से संगठित होकर काम कर रही हैं और एक-दूसरे को सहयोग भी प्रदान कर रही हैं। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधरी है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।
आपूर्तिकर्ताओं का कहना है कि जीविका जैसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ-साथ समाज में उनकी भागीदारी भी बढ़ रही है।
फिलहाल बगहा-दो जैसे क्षेत्रों में जीविका दीदियों की यह पहल अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।

