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कंगना रनौत ने उदयनिधि स्टालिन पर कार्रवाई का किया समर्थन

कंगना रनौत ने उदयनिधि स्टालिन पर कार्रवाई का किया समर्थन

ई दिल्ली। अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद कंगना रनौत ने तमिलनाडु के नेता उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया है। उदयनिधि पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय और अभिनेता त्रिशा को लेकर कथित रूप से अपमानजनक और यौन संकेत वाली टिप्पणी करने का आरोप लगा है।

कावेरी जल विवाद को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए कथित बयान के बाद उदयनिधि स्टालिन विवादों में आ गए थे। इस मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। इसके बाद राजनीतिक और फिल्म जगत में इस मुद्दे को लेकर बहस शुरू हो गई।

कंगना रनौत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी स्टोरी के माध्यम से इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने उदयनिधि स्टालिन की हिरासत को एक उदाहरण बताते हुए कहा कि किसी भी सभ्य समाज में अभद्र भाषा और अशोभनीय टिप्पणियों को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

कंगना ने अपनी पोस्ट में लिखा कि गाली-गलौज और दोहरे अर्थ वाले अश्लील मजाक किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों पर कार्रवाई होना जरूरी है।

उन्होंने उदयनिधि स्टालिन का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में जेल भेजा गया और भले ही वह बाद में जमानत पर बाहर आ गए हों, लेकिन यह एक अच्छा उदाहरण है।

उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ नेताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा, जबकि कुछ लोगों ने इसे सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया।

यह विवाद उस समय सामने आया जब कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी जल विवाद को लेकर प्रदर्शन हो रहे थे। इसी दौरान उदयनिधि पर अभिनेता विजय और उनकी करीबी मित्र त्रिशा के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया।

मामले के बाद संबंधित पक्षों की ओर से विरोध दर्ज कराया गया और पुलिस कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद उदयनिधि की हिरासत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।

कंगना रनौत इससे पहले भी कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखती रही हैं। भाजपा सांसद के रूप में भी वह विभिन्न विषयों पर बयान देती रही हैं, जिन पर अक्सर राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिलती है।

इस मामले में कंगना का समर्थन उस समय आया है जब सार्वजनिक जीवन में नेताओं और चर्चित हस्तियों की भाषा और व्यवहार को लेकर बहस चल रही है। सोशल मीडिया के दौर में सार्वजनिक टिप्पणियों का प्रभाव और जिम्मेदारी लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

वहीं, उदयनिधि स्टालिन की ओर से इस मामले पर उनका पक्ष और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल यह विवाद राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा में बना हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक पदों पर रहने वाले लोगों से जिम्मेदार और मर्यादित भाषा की अपेक्षा की जाती है। हालांकि, ऐसे मामलों में अदालत और कानून के अनुसार ही अंतिम निर्णय लिया जाता है।

फिलहाल कंगना रनौत के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है और सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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