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प्रेम जाल में फंसाकर युवक से लाखों रुपए की वसूली, जहर पिलाकर हत्या की कोशिश

प्रेम जाल में फंसाकर युवक से लाखों रुपए की वसूली, जहर पिलाकर हत्या की कोशिश

Gadchiroli गढ़चिरौली। महाराष्ट्र के गढ़चिरैली जिले आरमोरी शहर में एक बेहद चौंकाने वाला और फिल्मी अंदाज में हनी ट्रैप का मामला उजागर हुआ है, जिसमें एक युवती और उसके दो साथियों पर एक युवक को प्रेम जाल में फंसाकर उससे लाखों रुपए की उगाही करने तथा बाद में उसकी जान लेने की कोशिश करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
इस घटना से पूरे इलाके में खलबली मच गई है और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, आरमोरी का रहने वाला 26 वर्षीय कृष्णा मारुति लाड होटल व्यवसाय से जुड़ा है और साथ ही पढ़ाई भी कर रहा था। करीब डेढ़ वर्ष पहले 23 वर्षीय श्रेया हेमके नाम की युवती से पहचान हुई थी। यह पहचान धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। शुरुआती दौर में दोनों के बीच संबंध सामान्य और सौहार्दपूर्ण थे, लेकिन कुछ समय बाद युवती के जीवन में एक और युवक के आने से दोनों के बीच विवाद और तनाव उत्पन्न होने लगा।

इसी दौरान आरोप है कि श्रेया हेमके ने अपने दो साथियों नितीन जोध और राजू अंबानी के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश के तहत कृष्णा लाड को ब्लैकमेल करना शुरू किया। आरोपियों ने कृष्णा और श्रेया के बीच हुई निजी बातचीत (व्हाट्सऐप चैटिंग) को सार्वजनिक करने की धमकी दी। इसके साथ ही उसे और उसके परिवार को जान से मारने की भी धमकी दी जाती रही। बदनामी और सामाजिक प्रतिष्ठा के डर से पीड़ित युवक ने समय-समय पर आरोपियों को करीब 3 से 4 लाख रुपए की राशि दी। हालांकि, इसके बावजूद आरोपियों की मांग थमी नहीं और उन्होंने युवक से 15 लाख रुपए की अतिरिक्त रकम की मांग की। पीड़ित के अनुसार, 14 मार्च को रात करीब 8 से 8:15 बजे के बीच आरमोरी से ब्रह्मपुरी मार्ग पर आरोपियों ने उसे रोककर उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, उसे जबरन कीटनाशक पिलाकर उसकी हत्या करने का प्रयास भी किया गया। गंभीर अवस्था में युवक ने अपने भाई को फोन कर घटनास्थल पर बुलाया, जिसके बाद उसे तत्काल आरमोरी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

चिकित्सकीय स्थिति गंभीर होने के कारण उसे आगे इलाज के लिए पहले ब्रह्मपुरी स्थित एक निजी अस्पताल और बाद में नागपुर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उसका उपचार किया गया। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना के बावजूद पुलिस द्वारा समय पर मामला दर्ज नहीं किया गया। परिजनों का कहना है कि आरोपी प्रभावशाली और कथित रूप से राजनीतिक संबंध रखने वाले हैं, जिसके चलते पुलिस की ओर से प्रारंभिक स्तर पर टालमटोल की गई। 31 मार्च से 3 अप्रैल तक लगातार पुलिस थाने के चक्कर लगाने और निवेदन करने के बाद अंततः मामला दर्ज किया गया। आरमोरी पुलिस ने इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस 2023) की धारा 109, 308(4), 115(2), 126(2) तथा 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल हनी ट्रैप जैसे संगठित अपराधों की गंभीरता को उजागर किया है, बल्कि यह भी प्रश्न खड़े किए हैं कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को समय पर न्याय और सुरक्षा उपलब्ध कराना कितना आवश्यक है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है, और आरोपियों की भूमिका, आपसी साजिश, तथा कथित राजनीतिक संरक्षण के पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

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