Dailyhunt
राजस्थान सरकार तीर्थ स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है: CM भजनलाल शर्मा

राजस्थान सरकार तीर्थ स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है: CM भजनलाल शर्मा

Jaipur जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को धार्मिक आधारभूत संरचनाओं के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान भर में तीर्थ स्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने आगे कहा कि शासन और लोक सेवा सहित जीवन के हर क्षेत्र में धर्म का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धर्म के बिना कोई भी कार्य प्रभावी ढंग से संपन्न नहीं हो सकता और सच्ची सफलता (सिद्धि) केवल धर्म के मार्ग पर चलने से ही प्राप्त होती है।

मंगलवार को बालोतरा के कानाना मठ में आयोजित ललिता महायज्ञ के पूर्णाहुति (समापन समारोह) और देवी सरस्वती मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा (प्रतिष्ठापन) समारोह को शर्मा संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन सामाजिक सद्भाव को मजबूत करते हैं और युवा पीढ़ी को उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं।

बालोतरा के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यहां के तीर्थ स्थल राज्य की गौरवशाली परंपराओं के संरक्षक हैं और कानाना मठ में एक गहरी आध्यात्मिक आभा है। -मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपने सांस्कृतिक और धार्मिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखा है।

उन्होंने अयोध्या में राम लल्ला की प्राण प्रतिष्ठा, वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल महालोक और प्रसाद योजना के तहत प्रमुख तीर्थ स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार जैसी महत्वपूर्ण पहलों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क तीर्थयात्रा के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री विकासशील ग्राम एवं वार्ड योजना राज्य भर में धार्मिक स्थलों के व्यवस्थित विकास में सहयोग कर रही है।

देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने इस बात पर प्रकाश डाला कि राज्य सरकार सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को राजस्थान दिवस मनाना इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

महंत परशुराम गिरि महाराज ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और सरकार की जन कल्याणकारी पहलों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की धार्मिक सभाएं सनातन संस्कृति और अखंड भारत के सार का प्रतीक हैं, जो वैश्विक शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने में भारत की भूमिका पर बल देती हैं।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने वर्ष भर चलने वाले ललिता महा यज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न की। देश भर से आए संतों और महंतों को पारंपरिक भेंट अर्पित की गई।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Janta Se Rishta