पाकिस्तान सुपर लीग 2026 में मैदान पर एक नाटकीय पल ने सबका ध्यान खींचा, जब मुल्तान सुल्तांस और क्वेटा ग्लैडिएटर्स के बीच मैच के एक अहम मोड़ पर साहिबज़ादा फरहान ने स्टीव स्मिथ को सिंगल लेने से मना कर दिया।
यह घटना ओवर की आखिरी गेंद पर हुई, जब स्मिथ तेज़ शुरुआत के बाद जल्दी से सिंगल लेकर स्ट्राइक अपने पास रखना चाहते थे। लेकिन, फरहान ने रन लेने से मना कर दिया, जिससे स्मिथ को बीच में ही वापस लौटना पड़ा। ऑस्ट्रेलियाई बैट्समैन साफ़ तौर पर परेशान दिखे, और यह छोटी सी बातचीत जल्द ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।
इस चर्चा को और बढ़ाने वाली बात यह थी कि यह बाबर आज़म से जुड़ी एक पुरानी घटना से काफी मिलती-जुलती थी। इससे पहले बिग बैश लीग में, स्मिथ ने इसी तरह की स्थिति में बाबर को सिंगल लेने से मना कर दिया था ताकि स्ट्राइक अपने पास रख सकें, यह कदम आखिरकार उनके पक्ष में काम आया लेकिन बाबर निराश हो गए।
फैंस ने तुरंत इस बात को समझ लिया, सोशल मीडिया पर तुलनाओं की बाढ़ आ गई और फरहान के फैसले को "बदला" कहा गया। कुछ ने तो इसे न्याय जैसा बताया, जिससे लगा कि यह पल पूरा हो गया है। ऑनलाइन खबरों के बावजूद, क्रिकेट में ऐसे फैसले अक्सर टैक्टिकल होते हैं, खासकर हाई-प्रेशर T20 मैचों में जहां स्ट्राइक रोटेशन मोमेंटम पर असर डाल सकता है। फरहान का फैसला, भले ही लोगों की नज़र में विवादित हो, शायद इमोशन से ज़्यादा मैच की जानकारी की वजह से लिया गया हो।

