Business बिजनेस:सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई। बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स सेंसेक्स 833.20 अंक टूटकर 74,404.79 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 234 अंक की गिरावट के साथ 23,401.70 पर कारोबार करता दिखा।
बाजार में इस गिरावट के चलते निवेशकों में सतर्कता का माहौल देखा गया।
सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से कई बड़े शेयरों पर दबाव देखने को मिला। टाटा स्टील, पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी, ट्रेंट, टाइटन और HDFC बैंक जैसे दिग्गज शेयर सबसे ज्यादा गिरावट वाले स्टॉक्स में शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में कमजोरी ने पूरे इंडेक्स पर नकारात्मक असर डाला और बाजार को नीचे खींचने में अहम भूमिका निभाई।
हालांकि, कुछ चुनिंदा आईटी और टेलीकॉम कंपनियों के शेयरों में बढ़त भी देखी गई। इंफोसिस, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने शुरुआती कारोबार में लाभ दर्ज किया, जिससे गिरावट का दबाव कुछ हद तक संतुलित होता नजर आया। निवेशकों ने इन सेक्टर्स में तुलनात्मक रूप से स्थिरता और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद दिखाई।
वैश्विक बाजारों से मिले संकेतों का भी भारतीय शेयर बाजार पर असर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ 111.2 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। तेल की कीमतों में इस उछाल को निवेशकों के लिए चिंता का कारण माना जा रहा है, क्योंकि इससे महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है।
इससे पहले शुक्रवार को बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला था। उस दिन 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 451.46 अंक या 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,850.18 के स्तर पर पहुंच गया था। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी 143.25 अंक या 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,832.85 पर कारोबार करता दिखा था। शुक्रवार की तेजी के बाद सोमवार को आई गिरावट ने बाजार की दिशा को लेकर अनिश्चितता को बढ़ा दिया है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। फिलहाल, निवेशक सतर्क रुख अपनाते हुए चुनिंदा शेयरों में ही निवेश कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, सोमवार की शुरुआत ने यह संकेत दिया है कि बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।

