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सोशल मीडिया दबाव पर प्रीति जिंटा की चिंता, बोलीं- युवाओं के लिए बढ़ी चुनौतियां

सोशल मीडिया दबाव पर प्रीति जिंटा की चिंता, बोलीं- युवाओं के लिए बढ़ी चुनौतियां

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और इसके कारण युवाओं पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर अपनी राय रखी है। मंगलवार शाम बंटवारे पर आधारित फिल्म 'बंटवारा 1947' को लेकर आयोजित प्रेस बातचीत के दौरान प्रीति जिंटा ने कहा कि मौजूदा दौर में बच्चों और युवाओं के लिए चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं।

फिल्म से जुड़े कार्यक्रम में प्रीति जिंटा काफी उत्साहित नजर आईं। इस दौरान जब उनसे सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहने के चलन और ऑनलाइन दुनिया के बढ़ते प्रभाव के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने युवाओं की स्थिति पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि आज का समय युवा पीढ़ी के लिए आसान नहीं है। अभिनेत्री ने तुलना करते हुए बताया कि पहले स्कूल या आसपास के सीमित दायरे में कुछ लोग परेशान करते थे, लेकिन आज इंटरनेट के दौर में आलोचना और नकारात्मकता का दायरा बहुत बड़ा हो गया है।

प्रीति जिंटा ने कहा कि पहले किसी बच्चे को परेशान करने वालों की संख्या सीमित होती थी, लेकिन अब सोशल मीडिया के कारण लाखों लोग किसी व्यक्ति की जिंदगी में टिप्पणी करने और आलोचना करने की स्थिति में आ सकते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इंटरनेट का प्रभाव लंबे समय तक रहने वाला है और इससे निपटना नई पीढ़ी के लिए बड़ी चुनौती है।

अभिनेत्री ने सोशल मीडिया की उपयोगिता को नकारा नहीं, लेकिन इसके नकारात्मक प्रभावों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने लोगों को अपनी बात रखने का अवसर दिया है, लेकिन इसके साथ ही आलोचना, ट्रोलिंग और ऑनलाइन दबाव जैसी समस्याएं भी बढ़ी हैं।

आज सोशल मीडिया लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। खासकर युवा वर्ग अपनी पढ़ाई, करियर, मनोरंजन और सामाजिक संपर्क के लिए इन प्लेटफॉर्म का बड़े स्तर पर इस्तेमाल करता है। ऐसे में ऑनलाइन प्रतिक्रियाओं का असर उनके आत्मविश्वास और मानसिक स्थिति पर भी पड़ सकता है।

प्रीति जिंटा ने बातचीत के दौरान यह भी संकेत दिया कि नई पीढ़ी को डिजिटल दुनिया का इस्तेमाल समझदारी से करना चाहिए। इंटरनेट पर मिलने वाली हर प्रतिक्रिया को गंभीरता से लेना जरूरी नहीं है और लोगों को अपनी वास्तविक पहचान और आत्मविश्वास को बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए।

फिल्म 'बंटवारा 1947' को लेकर भी कार्यक्रम में चर्चा हुई। बंटवारे की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म उस दौर की परिस्थितियों और लोगों के अनुभवों को सामने लाने का प्रयास करती है। फिल्म से जुड़े विषय को लेकर प्रीति जिंटा ने अपनी उत्सुकता जाहिर की और दर्शकों तक इसकी कहानी पहुंचाने की उम्मीद जताई।

प्रीति जिंटा लंबे समय से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा रही हैं और अपने अभिनय के साथ-साथ बेबाक विचारों के लिए भी जानी जाती हैं। वह समय-समय पर सामाजिक मुद्दों और बदलते दौर की चुनौतियों पर अपनी राय रखती रही हैं।

सोशल मीडिया को लेकर उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब ऑनलाइन ट्रोलिंग, साइबर बुलिंग और डिजिटल मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के साथ बच्चों और युवाओं को डिजिटल व्यवहार, ऑनलाइन सुरक्षा और मानसिक संतुलन के बारे में जागरूक करना जरूरी है।

फिलहाल, प्रीति जिंटा के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने उनकी बात से सहमति जताई और माना कि इंटरनेट के दौर में युवाओं को अतिरिक्त दबाव का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कुछ लोगों ने सोशल मीडिया के सकारात्मक पहलुओं पर भी ध्यान देने की बात कही।

कुल मिलाकर, अभिनेत्री का बयान डिजिटल युग में बदलती सामाजिक परिस्थितियों और युवाओं के सामने आने वाली नई चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करता है।

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