Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
6 बेटियों की मां ने बेटे की चाह में किया 3 साल के मासूम का अपहरण, बिहार से हुई गिरफ्तारी|​

6 बेटियों की मां ने बेटे की चाह में किया 3 साल के मासूम का अपहरण, बिहार से हुई गिरफ्तारी|​

Just Abhi News 1 week ago

राजधानी दिल्ली के एक अस्पताल से बच्चों की सुरक्षा को झकझोर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक तीन साल के मासूम बच्चे के अपहरण के मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया है।

दिल्ली पुलिस ने अपनी त्वरित और तकनीकी सूझबूझ का परिचय देते हुए एक हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी दूरी तय कर बिहार से एक महिला को गिरफ्तार किया है और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। इस चौंकाने वाली घटना के खुलासे के बाद जब पुलिस ने आरोपी महिला से पूछताछ की, तो उसने जो वजह बताई, उसने सबको पशोपेश में डाल दिया। महिला पहले से ही छह बच्चियों की मां है और उसने पारिवारिक व शारीरिक परिस्थितियों के चलते इस वारदात को अंजाम दिया था।

यह पूरा मामला राष्ट्रीय राजधानी के प्रसिद्ध जीजीएस अस्पताल से जुड़ा हुआ है। घटना की शुरुआत 27 अगस्त को हुई थी, जब पुलिस को एक बच्चे के अचानक लापता होने और उसके अपहरण की आपातकालीन कॉल प्राप्त हुई थी। शिकायत दर्ज कराने वाली महिला ने पुलिस को बताया कि वह अस्पताल में अपनी दवा लेने के लिए आई हुई थी, जबकि उसका तीन साल का बेटा अस्पताल परिसर के पास ही खेल रहा था। कुछ ही देर बाद जब उसने बच्चे को वहां नहीं पाया, तो उसकी तलाश शुरू की गई। आसपास के तमाम इलाकों और कोनों में ढूंढने के बावजूद जब बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला, तब परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्होंने तुरंत पीसीआर को फोन कर इसकी सूचना दी।

सूचना मिलते ही हरकत में आई दिल्ली पुलिस ने फौरन एक विशेष टीम का गठन किया और जीजीएस अस्पताल तथा उसके आसपास के तमाम रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किए। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया तंत्र का जाल बिछाते हुए दिल्ली से लेकर बिहार तक बच्चे की आवाजाही का रूट मैप तैयार किया। फुटेज की बारीकी से जांच करने पर एक अनजान महिला कैमरे में कैद नजर आई, जो उस तीन साल के बच्चे को अस्पताल परिसर से बाहर ले जाती हुई दिखाई दे रही थी। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और कैमरों की मदद से उसकी आगे की गतिविधियों को ट्रैक किया, जिससे यह पता चला कि वह संदिग्ध महिला ईरिक्शा के माध्यम से मादीपुर गांव की ओर गई थी।

आगे की स्थानीय पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी महिला की उम्र करीब 31 वर्ष है और वह कुछ समय के लिए दिल्ली के मादीपुर इलाके में ही रह रही थी। हालांकि, पुलिस के शिकंजे से बचने के लिए वह घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद बिहार स्थित अपने पैतृक गांव फरार हो चुकी थी। दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम ने बिना एक पल गंवाए तकनीकी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर बिहार के मुंगेर जिले में दबिश दी। मुंगेर पुलिस की मदद से की गई इस छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने अगवा किए गए तीन साल के मासूम बच्चे को सुरक्षित रूप से बरामद कर लिया और उसे तत्काल अपनी कड़ी सुरक्षा के दायरे में ले लिया।

इसके बाद पुलिस ने अपहरण में शामिल महिला को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया और गहन पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान महिला ने अपने इस कृत्य के पीछे का दर्द बयां करते हुए खुलासा किया कि वह पहले से ही छह बेटियों की मां है और कुछ चिकित्सीय व मेडिकल दिक्कतों के कारण वह आगे किसी संतान को जन्म देने में असमर्थ थी। महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी दिली इच्छा एक बेटा पाने की थी, जिसके चलते उसने अस्पताल से इस मासूम बच्चे को चुराया था ताकि वह उसे अपने बेटे की तरह पालपोस सके। पुलिस ने पर्याप्त कानूनी साक्ष्य और आधार मिलने के बाद महिला को विधिवत पाबंद किया और आवश्यक कार्रवाई पूरी की। बच्चे के सकुशल मिल जाने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने राहत की सांस ली और बच्चे को सुरक्षित दिल्ली वापस लाकर उसके रोतेबिलखते परिवार को सौंप दिया, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं।
Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Just Abhi News