क्या आप जानते हैं कि भारत में एक मजदूर को दिनभर काम करने के लिए ₹500 मिलते हैं, तो वहीं अमेरिका में इसी काम के लिए उसे ₹10,000 से भी ज़्यादा मिलते हैं? दोनों देशों की दिहाड़ी में इतना बड़ा अंतर क्यों है, और यह जानकर आपको यकीन नहीं होगा कि वहां के मजदूर कितनी कमाई करते हैं!
क्या कभी आपने भारत और अमेरिका में मजदूरों की दिहाड़ी की तुलना की है. यदि आप दोनों में अंतर निकलेंगे तो हैरान करने वाले रिजल्ट सामने आएंगे. भारत में जहां एक मजदूर को दिनभर काम करने के लिए 300-500 रुपए मिलते हैं, वहीं अमेरिका में यही काम करने के लिए 5,000 -10,000 रुपए मिलते है. इस अंतर से देश के जीवन स्तर और अर्थव्यवस्था का पता चलता है.
भारत की दिहाड़ी
भारत में मजदूरों को मिलने वाली दिहाड़ी कई चीजों पर निर्भर करती है, जैसे -अगर वह निर्माण क्षेत्र में काम करता है तो उसे हर दिन 300-500 रुपए मिलते है. यह दर बड़े और छोटे शहरों में थोड़ी बहुत अलग हो सकती है. विशेष काम करने वालों दिहाड़ी अधिक मिलती है, जैसे -प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर को. भारत में आमतौर पर एक मजदूर एक महीने में लगभग 8,000 से 15,000 रुपए की कमाई कर सकता है. वहीं अमेरिका में इसका उल्टा होता है.
अमेरिका में मजदूरी की स्थिति
अमेरिका में ज्यादातर मजदूरों को घंटे के हिसाब से पेमेंट मिलती है. यहां न्यूनतम मजदूरी दर सभी राज्यों में अलग -अलग होती है, लेकिन औसतन यह $15 प्रति घंटा होती है. हालंकि कई शहरों में यह दर ज्यादा भी होती है. ये खबर आप जस्ट अभी में पढ़ रहे हैं। अगर अमेरिका में एक मजदूर दिन में 8 घंटे काम करता है, तो उसे कम से कम $60 से $120 यानी 5,000 से 10,000 रुपए मिल सकते हैं. इसके अलावा अमेरिका में मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा और अन्य लाभ भी मिलते हैं.
भारत और अमेरिका में मजदूरी का अंतर
| देश | औसत दिहाड़ी | प्रति माह आय |
|---|---|---|
| भारत | ₹300 - ₹500 प्रति दिन | ₹8,000 - ₹15,000 |
| अमेरिका | $15 प्रति घंटा (₹1200-₹1500) | $2000 - $3000 (₹1.5 लाख - ₹2.25 लाख) |

