Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
क्या जेल भी जाएंगे चंपत राय और अनिल मिश्रा? इस्तीफा मंजूर होने के बाद उठे सवाल​

क्या जेल भी जाएंगे चंपत राय और अनिल मिश्रा? इस्तीफा मंजूर होने के बाद उठे सवाल​

Just Abhi News 1 week ago

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को ट्रस्ट की बैठक में संपन्न हो गई. इस दौरान चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है. ऐसे में अब चंपत और अनिल मिश्रा पर कानूनी शिकंजा भी कस सकता है.

दोनों के जेल जाने के भी कयास लगाए जा रहे हैं. इसके पीछे कई वजह बताई जा रही है. माना जा रहा है कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अब अपने पद का दुरुपयोग किया है. इतना ही नहीं, इनकी ही लापरवाही से इतनी बड़ी चंदा चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया है.

चंपत इन आरोपों में जा सकते हैं जेल

श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय पर कई आरोप लगे हैं. बताया जाता है कि चंपत राय ने चढ़ावा चोरी मामले में अनदेखी की है. निगरानी व्यवस्था में लापरवाही बरती. इस प्रकरण के सामने आने के बाद चुप्पी साधे रखी. साथ ही राम मंदिर प्रबंधन में इतनी गड़बड़ी होती रही और उन्होंने ध्यान क्यों नहीं दिया. साथ ही चंपत ने अपने करीबी टिन्नू को ट्रस्ट के कामों की देखरेख में रखा. साथ ही उसकी सिफारिश पर कई लोगों को मंदिर में नियुक्ती भी की. ये ऐसे आरोप हैं कि चंपत राय आने वाले दिनों में जांच के दौरान इन सवालों के जवाब देने में फंस सकते हैं. ऐसे में कहा जा रहा है कि ट्रस्ट से बाहर हुए चंपत राय अब जेल भी जा सकते हैं.

अनिल मिश्रा ने करीबियों को पहुंचाया लाभ

चंपत राय के करीबी और मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी अनिल मिश्रा का भी अब इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है. लेकिन अब उनके जेल जाने के कयास लगाए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि अब अनिल मिश्रा पर एफआईआर भी की जा रही है. दरअसल, अनिल मिश्रा पर भी कई गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले को अनिल मिश्रा द्वारा नजरअंदाज किया गया है. मंदिर में अपने कई करीबियों की नियुक्ति कराई और उन्हें लाभ भी पहुंचाया. इसके अलावा अपने करीबियों को सुरक्षा जांच में भी छूट दिलवाई.

चढ़ावा चोरी मामले में क्याक्या हुआ?

4 जून 2026 को राम मंदिरा चढ़ावे की चोरी के सबूत मिले. 5 जून चोरी की बड़ी रकम रिकवर की गई. 6 जून को चढ़ावा चोरों ने चोरी की बात कबूल की. 7 जून को पवन पांडेय ने आरोप लगाए. 8 जून अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर कोर्ट से इस मामले को संज्ञान लेने की अपील की. इसके बाद तुरंत बाद यानी 8 जून को ही चंपत राय ने चंदा चोरी से इनकार कर दिया. 9 जून को इस मामले में रजनीश सिंह ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर, इस मामले में CBIED से जांच की मांग की.

SIT के गठन के बाद हुआ एक्शन

राम मंदिर चंदा चोरी का मामला बड़ा होने के बाद 13 जून यूपी सरकार ने SIT गठित की. 15 से 20 जून तक SIT की टीम ने मंदिर परिसर में जांच के दौरान 100 लोगों से पूछताछ की. साथ ही दस्तावेजों की जांच की. SIT की रिपोर्ट के बाद 25 जून को 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई. 26 जून को चंपत राय के करीबी टिन्नू समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
26 जून को ही चंपत राय और अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट से इस्तीफा दिया.

जानें चपंत और अनिल क्यों जा सकते हैं जेल

2 जुलाई को यूपी की योगी सरकार ने SIT जांच का वक्त 15 दिन बढ़ाया. सूत्रों के मुताबिक, इसी के बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि इस मामले में अब वो लोग जेल जाएंगे, जो राम मंदिर में आने वाले चंदे का रखरखाव करते थे. जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम सबसे ऊपर है. इस मामले में 5 जुलाई को 5 आरोपियों से पुलिस ने पूछताछ की. जबकि आज यानी 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में चंपत और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Just Abhi News