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पहले 10 मिनट की डेडलाइन, अब एक्शन. अखिलेश यादव ने निशिकांत दुबे को भेजा मानहानि का नोटिस​

पहले 10 मिनट की डेडलाइन, अब एक्शन. अखिलेश यादव ने निशिकांत दुबे को भेजा मानहानि का नोटिस​

Just Abhi News 1 week ago

योध्या राम मंदिर में चढ़ावा चुराने के आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और BJP सांसद निशिकांत दुबे के बीच ठन गई है. निशिकांत के आरोपों के बाद मंगलवार को समाजवादी पार्टी ने उन्हें मानहानि का लीगल नोटिस भेजा है.

इससे पहले अखिलेश ने निशिकांत को 10 मिनट में टिन्नू से जोड़े गए पोस्ट को हटाने की डेडलाइन दी थी.

इसके बाद भी पोस्ट नहीं हटाने पर उनकी पार्टी ने मंगलवार निशिकांत दुबे को मानहानि का लीगल नोटिस भेजा है. अखिलेश ने सपा के प्रदेश अध्यक्ष केके पाल के जरिए निशिकांत दुबे को ये नोटिस भिजवाया है. बताया जा रहा है कि ये नोटिस अखिलेश और टिन्नू के बीच कथित बातचीत के आरोपों से जुड़ा है. अखिलेश ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया है.

लीगल नोटिस में क्या है लिखा?

समाजवादी पार्टी ने अब औपचारिक रूप से मानहानि का लीगल नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. नोटिस में मांग की गई है कि निशिकांत दुबे पोस्ट हटाएं और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अखिलेश यादव ने दूसरों को भी चेतावनी दी है कि वे ऐसी पोस्ट हटा दें और माफी मांगें.

जानें क्या है पूरा विवाद

निशिकांत दुबे झारखंड के गोड्डा निर्वाचन क्षेत्र से BJP सांसद हैं. उन्होंने 5 जुलाई को सर्वन्ना प्रसाद बालासुब्रमण्यम का एक X पोस्ट शेयर किया, जिसमें दावा किया गया था कि आरोपी टिन्नू यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के नियमित संपर्क में था. सर्वन्ना ने पुलिस जांच और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए यह दावा किया था. निशिकांत ने लिखा: "तो, टिन्नू टीपू से बात कर रहा था, है ना?"

निशिकांत के पोस्ट पर भड़के अखिलेश

अखिलेश यादव निशिकांत दुबे के पोस्ट से बहुत नाराज थे. उन्होंने दुबे को 10 मिनट की समयसीमा देते हुए पोस्ट हटाने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि "BJP सांसद को 10 मिनट के भीतर अपना झूठा सोशल मीडिया पोस्ट हटाना होगा. वरना, उनके खिलाफ नामजद FIR दर्ज की जाएगी." संसदीय मर्यादा, शिष्टाचार और भगवान राम से जुड़ी गरिमा का हवाला देते हुए अखिलेश ने इसे झूठा प्रचार बताया. उन्होंने कहा कि यह BJP द्वारा SP के 'PDA' गठबंधन को बदनाम करने की कोशिश थी.

दुबे समेत कई लोगों के खिलाफ पुलिस से की शिकायत

इस बीच, SP नेताओं ने इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन में निशिकांत दुबे और सोशल मीडिया पर मौजूद कई लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिन्होंने दावा किया था कि टिन्नू और अखिलेश के बीच ऐसी बातचीत हुई थी. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

अखिलेश की चेतावनी पर दुबे का पलटवार

निशिकांत दुबे ने भी अखिलेश की चेतावनी पर टिप्पणी की. उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा: "जल्दी करो; आप इतने परेशान क्यों हैं? मैंने बस एक सवाल ही तो पूछा था, है ना? 1990 में राम भक्तों पर गोली चलाने का आदेश किसने दिया था? मैं कोर्ट जाऊंगा."

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