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राम मंदिर चंदा चोरी: कहां होता था बंटवारा? अविनाश का खुलासा​

राम मंदिर चंदा चोरी: कहां होता था बंटवारा? अविनाश का खुलासा​

Just Abhi News 2 weeks ago

योध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच जैसेजैसे आगे बढ़ रही है, हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं. इसी कड़ी में एक और बड़ा खुलासा हुआ है. ये बात सामने आई है कि मंदिर से चंदा चोरी करने के बाद इसका बंटवारा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के पास होता था.

अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, कमलेश पांडेय, टिन्नू यादव समेत इस केस में अभी तक गिरफ्तार किए गए 8 लोग यहीं पर पैसों का बंटवारा करते थे.

बताया जा रहा है कि रिमांड पर लिए गए अविनाश शुक्ला को इस जगह पर पूछताछ के लिए लाया गया था. मास्टरमाइंड अविनाश शुक्ला ने पुलिस को वो जगह भी दिखाई जहां पैसों का बंटवारा होता था. इसके साथ ही एक और राज से पर्दा उठा है, जो कि रामभक्तों के होश उड़ाने वाला है. पैसे के बंटवारे के साथ इसी जगह पर कुछ कीमती वस्तु भी छुपाकर रखी गई थी, जिसको पुलिस ने रिकवर किया है.

टिन्नू के सामने नतमस्तक था पुलिस महकमा

उधर, चढ़ावा चोरी में टिन्नू यादव को लेकर भी रोज नएनए पर्दाफाश हो रहे हैं. ये जानकारी सामने आई है कि टिन्नू के भाई के पास काउंटिंग रूम की चाबी होती थी. पूरे मंदिर परिसर सभी कर्मचारी टिन्नू के हर आदेश का पालन करता था. टिन्नू ने मंदिर परिसर में अपना एक अलग सिस्टम बना रखा था. टिन्नू के 5 रिश्तेदार मंदिर परिसर में काम करते थे. टिन्नू वॉकीटॉकी से आदेश दिया करता था. उसके आदेश के बाद ही गाड़ियों को अनुमति मिलती थी. साथ ही पुलिस महकमा भी टिन्नू के सामने नतमस्तक था.

वीआईपी दर्शन का नेटवर्क

उधर, वीआईपी दर्शन का नेटवर्क सिर्फ मंदिर तक नहीं फैला था बल्कि आसपास के होटलों तक में सक्रिया था. उसी नेटवर्क के जरिए टिन्नू का वसूली वाला खेल किया करता था. राम मंदिर में विशिष्ट अतिथियों को वीआईपी पास इश्यू होता है. ट्रस्ट की तरफ से ये पास निशुल्क होते हैं. टिन्नू यादव ही पास जारी करवाता था. उसने होटल, होमस्टे के जरिए नेटवर्क फैलाया.

VIP प्रवेश मार्ग पर छोटू नाम की चर्चा

श्रद्धालुओं को VIP दर्शन का लालच दिया जाता था. श्रद्धालुओं से 500 से 1000 रुपए की वसूली की जाती थी. अमीर लोगों से 2000 तक की वसूली होती थी. श्रद्धालु की डिटेल्स टिन्नू को भेजी जाती थी. टिन्नू गैंग श्रद्धालुओं को VIP दर्शन कराता था. VIP प्रवेश मार्ग पर छोटू नाम की चर्चा थी. होटल न लेने वालों को छोटू के जरिए दर्शन कराए जाते हैं.इतना ही नहीं टिन्नू के जरिए छोटू VIP पास दिलाता था. वसूली गई रकम आपस में बांटी जाती थी. टिन्नू गैंग में मंदिर से जुड़े कुछ और लोग भी शामिल हैं. बाहरी लोग भी वसूली के खेल में शामिल थे. प्राण प्रतिष्ठा के बाद रोज लाखों की वसूली की जा रही थी.

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