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रूह कंपा देने वाला फूलवती मर्डर केस! 9 महीने तक खाली हाथ रही मुरादबाद पुलिस, अब क्राइम ब्रांच के हवाले जांच​

रूह कंपा देने वाला फूलवती मर्डर केस! 9 महीने तक खाली हाथ रही मुरादबाद पुलिस, अब क्राइम ब्रांच के हवाले जांच​

Just Abhi News 4 days ago

Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में करीब दस महीने पुराने 'फूलवती हत्याकांड' की फाइलों को एक बार फिर नए सिरे से खंगालने की तैयारी कर ली गई है. थाना पुलिस को हत्या का पर्दाफाश करने में लगातार मिल रही नाकामी को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने कड़ा रुख अपनाया है.

देर रात एक महत्वपूर्ण विभागीय आदेश जारी किया है. जिसके तहत इस सनसनीखेज मर्डर केस की पूरी जांच कोतवाली पुलिस से वापस ले ली गई है और इसे तत्काल प्रभाव से जिले की क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया गया है.

पूरा मामला ठाकुरद्वारा इलाके का है. यहां सितंबर 2025 में एक बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. गठित पुलिस टीमें महीनों तक खाक छानती रहीं है, संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और कड़ियों को जोड़ने की कोशिशें भी हुईं थी, लेकिन नतीजा शून्य रहा है. हत्यारों का कोई सुराग न मिलने और जांच पूरी तरह ठप होने के बाद, पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के मकसद से एसएसपी ने फैसला लिया है. इस मामले में अब क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम नए दृष्टिकोण और अत्याधुनिक वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे मामले का नए सिरे से अनावरण करेगी.

सुराग तलाशने में नाकाम रही स्थानीय पुलिस

ठाकुरद्वारा कोतवाली इलाके के ग्राम माधोवाला की 65 वर्षीय फूलवती 23 सितंबर 2025 को किसी काम से कस्बे के लिए निकली थीं, पर फिर कभी घर नहीं लौटी थीं. परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका सुराग नहीं लगा, तो गुमशुदगी की आशंका गहरा गई थी. गुमशुदगी के पांचवें दिन, यानी 28 सितंबर को कमालपुरी खालसा गांव के पास बहने वाली नहर के किनारे उनका क्षतविक्षत शव मिलने से हड़कंप मच गया था. पोस्टमार्टम में साफ हुआ कि मृतका की गला दबाकर हत्या की गई थी. वारदात के समय महिला के बदन से सोनेचांदी के कीमती जेवरात भी गायब थे, जिससे पहली नजर में ऐसा लगा कि बदमाशों ने लूटपाट की नियत से वारदात को अंजाम दिया.

उत्तराखंड के अंतर्राज्यीय गिरोह पर गहराया था शक

ठाकुरद्वारा कोतवाली पुलिस ने इस अंधी हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए उत्तर प्रदेश के अलावा सीमावर्ती राज्य उत्तराखंड के कई संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई थी. इसी दौरान तफ्तीश कर रही टीम को उत्तराखंड के जसपुर इलाके में हुई एक अन्य बुजुर्ग महिला 'ओमवती' की हत्या के तौरतरीकों में काफी समानताएं देखने को मिली थीं. दोनों ही मामलों में उम्रदराज महिलाओं को निशाना बनाया गया था और आभूषण लूटे गए थे.

इसके बाद पुलिस ने किसी अंतरराज्यीय डकैत या लुटेरे गिरोह का हाथ होने की थ्योरी पर भी काम शुरू किया था. लेकिन कड़े प्रयासों के बावजूद कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा. पुलिस ने आखिरकार, 9 महीने की समयसीमा बीत जाने के बाद एसएसपी सतपाल अंतिल ने विवेचना का रुख मोड़ते हुए इसे क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है, ताकि तकनीकी विश्लेषण के जरिए हत्यारों को जेल भेजा जा सके है.

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