Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर क्या करके मानेगा बांग्लादेश? तीस्ता पर चीन के सामने सरेंडर, भारत की पीठ में घोंपा खंजर​

सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर क्या करके मानेगा बांग्लादेश? तीस्ता पर चीन के सामने सरेंडर, भारत की पीठ में घोंपा खंजर​

Just Abhi News 1 week ago

ई दिल्ली: बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ताबड़तोड़ ऐसे फैसले ले रही है, जिससे भारत के सुरक्षा हितों को खतरा हो सकता है। जिस तीस्ता प्रोजेक्ट के लिए भारत उससे फंडिंग का वादा कर चुका था, उसके लिए तारिक रहमान ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने सरेंडर कर दिया।

ऐसे में भारत के लिए बांग्लादेश पर जरा भी भरोसा करना मुश्किल हो गया है।

बांग्लादेश का तीस्ता प्रोजेक्ट कहने के लिए उसके बाढ़ नियंत्रण और क्षेत्रीय विकास के लिए जरूरी है, लेकिन वहां तक चीन की घुसपैठ सीधे भारत के नॉर्थ ईस्ट के लिए नया संकट बन गया है। क्योंकि, यह प्रोजेक्ट भारत के उस चर्चित चिकन नेक या सिलीगुड़ी कॉरिडोर से सटा हुआ है, जो पूर्वोत्तर भारत को बाकी भारत से जोड़ने का एकमात्र संकड़ा रास्ता है।

भारत के भरोसे को कर नजरअंदाज, चीन से मिलाया हाथ
भारत ने 2024 में बांग्लादेश से वादा किया था कि वह उसके तीस्ता
प्रोजेक्ट के फंडिंग को तैयार है।
लेकिन, तभी बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने अलोकतांत्रिक ढंग से लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई शेख हसीना सरकार का तख्तापलट कर दिया।
इसके बाद तीस्ता को लेकर दिए गए भारत के ऑफर को भी बांग्लादेश ने खटाई में डाल दिया और मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल से ही चीन के सामने घुटने टेकने की शुरुआत कर दी।
इसी के बाद तारिक रहमान सरकार ने मोंगला पोर्ट से लेकर तीस्ता प्रोजेक्ट तक में भारत के पीठ में छुरा घोंपने का काम किया।

तीस्ता नदी प्रोजेक्ट में चीन क्या करेगा
बांग्लादेश ने तीस्ता नदी परियोजना को लेकर जो अभी करार किया है, उसके तहत चीन वहां बाढ़ नियंत्रण और उत्तरी बांग्लादेश के क्षेत्रीय विकास के नाम पर बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा। प्रोजेक्ट में ये सारी योजनाएं शामिल होंगी
224 किलोमीटर रोड नेटवर्क का विस्तार
171 वर्ग किलोमीटर भूभाग का पुनर्विकास
82 जेटी का निर्माण
तीस्ता नदी से 140 मिलियन क्यूबिक मीटर गाद की सफाई
सिंचाई नेटवर्क का निर्माण
शहरी केंद्रों का विकास
स्पेशल इकोनॉमिक जोन का निर्माण

चिकन नेक कॉरिडोर पर भारत की नई टेंशन
तीस्ता रिवर प्रोजेक्ट बांग्लादेश के निलफामारी और रंगपुर के बीच है।
यह इलाका भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर से बहुत ही सटा हुआ है, जो चिकन नेक कॉरिडोर के नाम से कुख्यात है।
चिकन नेक कॉरिडोर भारत के बाकी हिस्सों से पूर्वोत्तर को जोड़ने वाली एक मात्र संकड़ी पट्टी है।
तीस्ता प्रोजेक्ट का कुछ हिस्सा भारतबांग्लादेश सीमा से मात्र 10 से 12 किलोमीटर तक सटा है।
चीन की ओर से तीस्ता प्रोजेक्ट का निर्माण पॉवरचाइना करेगी, जो कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना सरकार की स्वामित्व वाली कंपनी है।
बस इसी वजह से यह प्रोजेक्ट अब भारत के लिए सामरिक खतरा बनकर उभरा है।

भारत को भी इलाके में तेजी से करना होगा काम
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसने भारत की चिंताओं से बांग्लादेश को अवगत करा दिया है और 'सभी तरह की गतिविधियों' पर नजर रखी जाएगी।
भारत ने यह भी कहा है कि तीस्ता नदी जल समझौते को लेकर संयुक्त नदी आयोग के माध्यम से चर्चा जारी रहेगी।
लेकिन, रणनीतिक जानकारों का कहना है कि अब भारत को भी उस क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम में तेजी लाना अनिवार्य हो गया है।

भारतीय चिंताओं पर बांग्लादेश ने दिया गोलमोल जवाब
तीस्ता नदी परियोजना के नाम पर चीन के साथ तिकड़मबाजी को लेकर बांग्लादेश ने भारत से अपनी सफाई में कहा है कि इससे किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
दिल्ली एयरपोर्ट से गुस्से में वापस ढाका लौटे तारिक रहमान के सलाहकार जाहिद रहमान की दलील है कि एक संप्रभु राष्ट्र होने के नाते बांग्लादेश तीस्ता प्रोजेक्ट पर काम करेगा।
अगर किसी को इसको लेकर सुरक्षा चिंताएं हैं, तो बांग्लादेश उसपर गौर करेगा।
लेकिन, अन्य देशों को भी बांग्लादेश की चिंताओं पर गौर करना चाहिए।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Just Abhi News