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पुरुष स्टेमिना बढ़ाने के लिए करें इन चीजों का सेवन, अधिक उम्र तक रहेंगे टनाटन

कल्याण आयुर्वेद- शरीर को ऊर्जावान रहने के लिए स्टैमिना एक अहम भूमिका निभाता है. लेकिन आजकल की बदलती लाइफ स्टाइल में अनियमित खानपान, खानपान में पौष्टिक तत्वों की कमी, बढ़ते तनाव आदि के कारण पुरुषों में स्टेमिना की कमी होती जा रही है. जिसके कारण 35- 40 की उम्र होते ही कमजोरी महसूस करने लगते हैं. तो आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताने की कोशिश करेंगे कि स्टेमिना बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए?

पुरुष स्टेमिना बढ़ाने के लिए करें इन चीजों का सेवन, अधिक उम्र तक रहेंगे टनाटन

दरअसल इसमें शाकाहारी और मांसाहारी चीजें दोनों ही शामिल है. ऐसा नहीं है कि आप शाकाहारी हैं तो आपके लिए विकल्प नहीं है?

चलिए जानते हैं विस्तार से-

आजकल तो स्टेमिना बढ़ाने के लिए बाजार में कई चीजें उपलब्ध है. लेकिन आप बाजार की चीजों का इस्तेमाल कम ही करें तो आपके स्वास्थ्य के लिए ज्यादा बेहतर रहेगा. क्योंकि बाहर की प्रोडक्ट्स में केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है जो आपकी सेहत के लिए ठीक नहीं है.

स्टेमिना बढ़ाने के लिए लोग क्या-क्या नही करते हैं लेकिन उसका फायदा उन्हें तब तक नहीं मिल पाता है. जब तक कि वह एक सही मात्रा में अपने आहार में कुछ चीजों को शामिल नहीं करते हैं. कुछ लोग घंटो तक सुबह जोगिंग करते हैं तो कुछ लोग सुबह- शाम जिम में पसीना बहाते हैं. उसके बावजूद भी उन्हें शरीर में जल्दी परिवर्तन देखने को नहीं मिलता है. लेकिन आपको स्टेमिना बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए बताने की कोशिश करेंगे.

स्टेमिना बढ़ाने के लिए सभी तरह के प्रोटींस, कैल्शियम, आयरन, कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स, पोटेशियम, विटामिन से भरपूर चीजों का सेवन करना जरूरी होता है जो आपके स्टैमिना को बूस्ट करने का काम करता है.

वैसे तो स्टेमिना बढ़ाने के लिए आपको प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तक जोगिंग करनी चाहिए. इसके साथ ही कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन भी करना चाहिए जिससे आप इस प्रक्रिया को और तेजी से बढ़ा सकते हैं.

तो चलिए जानते हैं उन चीजों के बारे में-

चुकंदर- आपको बता दें कि जोगिंग करने में आपको स्टेमिना की सबसे अधिक जरूरत पड़ती है और चुकंदर में विटामिन सी और विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो आपके स्टैमिना को बढ़ाने में आपकी मदद करता है. और आपके शरीर में आलस को पैदा नहीं होने देता है. इसमें मौजूद पोटैशियम आपकी सहनशक्ति को बढ़ावा देता है इसलिए नियमित चुकंदर का सेवन आपको करना चाहिए.

बादाम- बादाम में प्रचुर मात्रा में विटामिन और ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है. यह फैटी एसिड हमारे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा प्रदान करने और वसा को शरीर में जमा होने से रोकने में मदद करता है. नियमित रूप से बादाम का सेवन हड्डियों को मजबूत बनाता है और दिमाग को भी शक्ति प्रदान करता है. जिससे याददाश्त शक्ति ठीक रहती है. अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए आप बादाम का नियमित सेवन करें.

केला- केले में बहुत सारा विटामिंस होता है. यह आपके स्टैमिना को बूस्ट करने में बहुत मदद करता है. केले में भरपूर मात्रा में फाइबर और पोटेशियम होता है जो आपके शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है. दरअसल केले को सबसे अच्छा प्री- वर्क आउट स्नेक्स माना जाता है. इसके अलावा केला डोपामाइन को भी बढ़ाते हैं जो शरीर में फीलगुड हार्मोन होते हैं. जिससे काम करने में थकावट कम होती है. केला खाने से आपको तुरंत ही एनर्जी मिलती है और आप ऊर्जावान महसूस करते हैं.

ओट्स- बहुत से लोग हैं जो नमकीन ओट्स या दूध के साथ ओट्स का सेवन करना पसंद करते हैं. आजकल बाजार में भी ओट्स आसानी से उपलब्ध हो जाता है. यह आपके लिए इतना पौष्टिक होता है कि इसका सेवन करने के बाद आपको काफी लंबे समय तक भूख नहीं लगती है. इसमें फाइबर और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होती है. यह आपके स्टैमिना बढ़ाने के लिए बेहतर विकल्प है.

अंडे- आप सभी जानते हैं कि अंडे में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं. यह आपके हड्डियों को मजबूत करने का काम करता है और आपके स्टेमिना को भी बढ़ाता है. इसके साथ ही यह आपकी कैलोरी को बर्न करने में मदद करते हैं. अंडे का सेवन हमारे शरीर में मसल्स और टिशूज को बनाने और रिपेयर करने में काफी मददगार होता है.

किशमिश- किशमिश आपको तंदुरुस्त रखने में मददगार होता है, दरअसल किशमिश को बनाने के लिए अंगूर को पहले अच्छे से सुखाया जाता है. आपको बता दें कि किशमिश में पोटैशियम, मैग्निशियम, कैलशियम, फाइबर और आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. किशमिश उन लोगों के लिए एक बहुत अच्छा स्रोत है जिन्हें आमतौर पर एनीमिया है. यह आपके खून को बढ़ाने के साथ ही स्टेमिना को बढ़ाता है.

मछली- मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है जो आपके शरीर और मस्तिष्क के विकास में मददगार होता है. ओमेगा 3 फैटी एसिड के प्रकारों में से दो ई पी ए और बी एच ए मुख्य रूप से मछली में पाए जाते हैं. विशेष रूप से वसायुक्त मछली में टुना फिश आती है. यह प्रोटीन और विटामिन डी का भी बेहतर स्रोत होता है.

चिकन- चिकन लीन प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत होता है. यह आपके शरीर को स्वस्थ रखता है. इसके सेवन से मांसपेशियों के विकास को बढ़ावा मिलता है और वजन कम करता है. चिकन आपको पूरे दिन ऊर्जावान बनाकर रखता है और आपके स्टैमिना में सुधार करता है. चिकन खाने से हड्डियों के स्वास्थ्य में सुधार होता है. मांसपेशियों का निर्माण होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होता है. इससे तनाव से भी राहत मिलती है.

ब्राउन राइस- इसमें कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में होता है. मानव शरीर के लिए यह ऊर्जा का सबसे अच्छा स्रोत है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मानव शरीर के लिए सभी कार्ब्स अच्छे हैं. स्टेमिना बढ़ाने के लिए आपको कार्ब्स के अपने सेवन को बढ़ाने की आवश्यकता है. वे रक्त में धीरे-धीरे ऊर्जा को बढ़ाने का काम करते हैं. ब्राउन राइस आपके शरीर में उर्जा को बनाए रखता है.

हरी पत्तेदार सब्जियां- शरीर में आयरन की कमी भी सहन शक्ति में कमी का प्रमुख कारण हो सकता है. हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन और फाइबर से भरपूर होती है जो शरीर में रक्त संचार के साथ-साथ ऑक्सीजन की आपूर्ति भी करती है. इसलिए ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां खाएं इससे स्टैमिना बनी रहेगी.

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