आइए जानते हैं किस राशि के जातक को क्या करना चाहिए:राशि अनुसार विशेष उपायमेष : हनुमान जी को बेसन के लड्डू चढ़ाएं और 'ॐ हनुमते नमः' का 108 बार जाप करें।वृषभ: चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को चोला चढ़ाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें।मिथुन: बूंदी का प्रसाद बांटें और सुंदरकांड का पाठ करना आपके लिए अत्यंत शुभ रहेगा।कर्क: हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाएं और सफेद मिठाई का भोग लगाएं।सिंह : 'बजरंग बाण' का पाठ करें और हनुमान जी के चरणों का सिंदूर अपने माथे पर लगाएं।कन्या : तुलसी के पत्तों की माला बनाकर हनुमान जी को अर्पित करें।तुला: हनुमान जी को लाल रंग के फूल चढ़ाएं और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें।वृश्चिक :गुड़ और चने का भोग लगाएं और हनुमान चालीसा का 7 बार पाठ करें।धनु : बजरंगबली को पान का बीड़ा चढ़ाएं और अष्टसिद्धि मंत्र का जाप करें।मकर : सरसों के तेल का दीपक जलाकर 'ॐ नमो भगवते आंजनेयाय' का जाप करें।कुंभ: शनि दोष से मुक्ति के लिए हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं और काले तिल दान करें।मीन: हनुमान जी को लाल चंदन का तिलक लगाएं और पीले फल अर्पित करें।:::::::::::::::पूजा का शुभ मुहूर्तचैत्र पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 1 अप्रैल 2026, रात 08:35 बजे से।चैत्र पूर्णिमा तिथि समाप्त: 2 अप्रैल 2026, शाम 06:10 बजे तक।उदया तिथि के अनुसार: हनुमान जन्मोत्सव 2 अप्रैल (गुरुवार) को ही मनाया जाएगा।::::::::::::::::::इन बातों का रखें ध्यानहनुमान जी की पूजा में शुद्धता का विशेष महत्व है। व्रत रखने वाले जातक को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। साथ ही, पूजा के समय लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है। हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए 'श्री राम' नाम का संकीर्तन सबसे प्रभावी उपाय है।