Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
बिहार में पहली बार होम-स्टे योजना शुरू :                                              बक्सर को शामिल नहीं करने पर विश्वामित्र सेना में भारी नाराजगी

बिहार में पहली बार होम-स्टे योजना शुरू : बक्सर को शामिल नहीं करने पर विश्वामित्र सेना में भारी नाराजगी

Kashish News 1 week ago

टना/बक्सर:बिहार सरकार द्वारा राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति एवं पारिवारिक परिवेश का अनुभव कराने के उद्देश्य से शुरू की जा रही होम-स्टे योजना का विश्वामित्र सेना ने स्वागत किया है.

संगठन का मानना है कि यह योजना पर्यटन, स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण पहल बताया है लेकिन, विश्वामित्र सेना ने इस योजना के अंतर्गत बिहार के 16 जिलों के 34 प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची में बक्सर को शामिल नहीं किए जाने पर आक्रोश जताया है. संगठन का कहना है कि सनातन संस्कृति की तपोभूमि, महर्षि विश्वामित्र की कर्मभूमि और भगवान श्रीराम के चरणों से पावन बक्सर की उपेक्षा न केवल ऐतिहासिक भूल है, बल्कि करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का भी अपमान है.

बक्सर जैसे पवित्र स्थल को होम-स्टे योजना से बाहर रखना समझ से परे

विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने बिहार सरकार से सवाल करते हुए कहा कि आखिर बक्सर के साथ यह अन्याय कब तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिस भूमि से रामायण का गौरवशाली इतिहास जुड़ा हो, जहां महर्षि विश्वामित्र का आश्रम रहा हो, जहां भगवान श्रीराम ने ताड़का वध कर धर्म की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया हो,उस पवित्र धरा को पर्यटन विकास की इतनी महत्वपूर्ण योजना से बाहर रखना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि विश्वामित्र सेना वर्षों से बक्सर की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है।बक्सर केवल एक जिला नहीं, बल्कि सनातन सभ्यता, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत केंद्र है। ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की उपेक्षा बिहार के सांस्कृतिक इतिहास के साथ अन्याय है।

होम-स्टे योजना की सूची में बक्सर को शामिल करने की मांग

विश्वामित्र सेना ने बिहार सरकार से होम-स्टे योजना की सूची में तत्काल प्रभाव से बक्सर को शामिल करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए। संगठन का कहना है कि यदि सरकार ने शीघ्र इस गंभीर चूक को नहीं सुधारा तो विश्वामित्र सेना पूरे बिहार में लोकतांत्रिक एवं व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Kashish News