पटना: बिहार सचिवालय सेवा संघ द्वारा मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को नियमित स्थानांतरण /पदस्थापन हेतु आवेदन दिया गया है. संघ का कहना है कि बिहार सचिवालय सेवा में पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से स्थानांतरण नहीं हुआ है,जिसके कारण बिहार सचिवालय सेवा के पदाधिकारियों के बीच हीन भावना व्याप्त है और उनमें इस बात को लेकर काफी असंतोष है.
विदित हो कि बिहार सरकार के सभी सरकारी सेवकों के लिए 3 वर्ष में नियमित स्थानांतरण का प्रावधान है,ताकि कोई भी सरकारी पदाधिकारी/कर्मचारी एक ही जगह पर लंबे समय तक पदस्थापित होकर भ्रष्टाचार एवं मनमानी नहीं कर सके,परंतु सचिवालय सेवा में 20 वर्षों से अधिक समय से नियमित स्थानांतरण नहीं होना कहीं ना कहीं सरकार की नाकामी को प्रदर्शित कर रहा है.
संघ ने अपने आवेदन में लिखा है कि प्रोन्नति के उपरांत किसी भी विभाग के सरकारी सेवकों का निश्चित रूप से स्थानांतरण कर दिया जाता है,परंतु बिहार सचिवालय सेवा का दुर्भाग्य है कि इस सेवा में प्रोन्नति के उपरांत भी स्थानांतरण की कार्रवाई नहीं की जाती है.
संघ के आवेदन में वर्णित है कि संयुक्त सचिव के 74%,उपसचिव के 84%,अवर सचिव के 84% तथा प्रशाखा पदाधिकारी के 75% से अधिक पदों पर पदाधिकारियों के कार्यरत रहने के बावजूद सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पदाधिकारी की कमी का बहाना देकर नियमित स्थानांतरण नहीं किया जा रहा है.
संघ द्वारा मुख्यमंत्री बिहार और मुख्य सचिव से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए यथाशीघ्र स्थानांतरण के संबंध में कार्रवाई करने का निर्देश अपर प्रमुख सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग को दिए जाने का अनुरोध किया गया है.
पटना से नीरज उपाध्याय की रिपोर्ट--

