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आरटीओ ई-चालान के नाम पर साइबर ठग कर रहे ठगी

आरटीओ ई-चालान के नाम पर साइबर ठग कर रहे ठगी

Khabar Din Raat 1 week ago

यपुर। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आरटीओ ई-चालान के नाम पर भेजी जा रही फर्जी एपीके फाइलों के जरिए हो रही साइबर ठगी को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग के नाम से व्हाट्सएप या एसएमएस पर भेजे जाने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें, क्योंकि ऐसा करते ही मोबाइल फोन साइबर अपराधियों के नियंत्रण में जा सकता है।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने बताया कि साइबर ठग खुद को परिवहन विभाग या ट्रैफिक पुलिस का अधिकारी बताकर वाहन मालिकों को संदेश भेजते हैं कि उनके वाहन का ई-चालान जारी हुआ है और समय पर भुगतान नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई होगी। इसके साथ "आरटीओ ई-चालान.एपीके" नाम की फाइल या फर्जी लिंक भेजा जाता है।

उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस एपीके फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल कर लेता है तो मोबाइल में मौजूद एसएमएस, कॉन्टैक्ट्स, गैलरी और अन्य संवेदनशील जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच सकती है। यह मैलवेयर मोबाइल पर आने वाले ओटीपी भी ठगों तक पहुंचा सकता है, जिससे नेट बैंकिंग और यूपीआई खातों से अवैध लेन-देन का खतरा बढ़ जाता है।

साइबर क्राइम शाखा ने स्पष्ट किया है कि परिवहन विभाग या ट्रैफिक पुलिस कभी भी व्हाट्सएप पर एपीके फाइल या निजी लिंक भेजकर चालान जमा कराने को नहीं कहती। वाहन से संबंधित चालान की जानकारी और भुगतान केवल भारत सरकार के अधिकृत पोर्टल के माध्यम से ही करना चाहिए।

पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान नंबर से प्राप्त एसएमएस या व्हाट्सएप लिंक पर क्लिक न करें, .एपीके एक्सटेंशन वाली फाइलें इंस्टॉल न करें तथा मोबाइल एप केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। साथ ही मोबाइल की सेटिंग में 'अनजान स्रोतों से ऐप इंस्टॉल' का विकल्प बंद रखें और किसी भी ऐप को अनावश्यक अनुमति देने से बचें।

यदि किसी व्यक्ति ने गलती से ऐसी एपीके फाइल इंस्टॉल कर ली है या साइबर ठगी का शिकार हो गया है, तो तुरंत मोबाइल डेटा और वाईफाई बंद करें, आवश्यक डेटा का बैकअप लेकर मोबाइल को फैक्ट्री रीसेट करें तथा निकटतम पुलिस थाना, साइबर पुलिस थाने पर शिकायत दर्ज कराएं।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Khabar Din Raat