Dailyhunt
21 साल में 61वीं रैंक...आस्था सिंह बनी सबसे कम उम्र की IAS अफसर, सुने सफलता की कहानी

21 साल में 61वीं रैंक...आस्था सिंह बनी सबसे कम उम्र की IAS अफसर, सुने सफलता की कहानी

ख़बर Fast 1 week ago
IAS Astha Singh: सिर्फ 21 साल की उम्र में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 61वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल कर आस्था सिंह ने देश का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
वह भारत की सबसे कम उम्र की महिला IAS अधिकारी बन गई हैं और अपने पहले ही प्रयास में यह उपलब्धि हासिल कर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।कौन हैं आस्था सिंह?आस्था सिंह पंजाब के जीरकपुर पीरमुछल्ला की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई मध्य प्रदेश के भोपाल और हरियाणा के पंचकूला से पूरी की। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) में स्नातक किया है। उनके पिता बृजेश सिंह पंचकूला स्थित एक फार्मा कंपनी में क्वालिटी हेड के पद पर कार्यरत हैं।

परिवार साधारण पृष्ठभूमि से आता है।पहले प्रयास में शानदार सफलताUPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 के परिणामों में आस्था सिंह ने लिखित परीक्षा में 795 अंक और साक्षात्कार में 200 अंक सहित कुल 995 अंक प्राप्त किए। मात्र 21 वर्ष की उम्र में IAS बनने का यह कीर्तिमान उन्हें देश की सबसे युवा सफल उम्मीदवारों में शामिल करता है। वे वर्तमान में हरियाणा सरकार में अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और कर अधिकारी (AETO) के रूप में कार्यरत हैं और परिवार की पहली सिविल सेवक बनने जा रही हैं।उनकी सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान की मदद के केवल स्व-अध्ययन के जरिए यह मुकाम हासिल किया। उनकी मेहनत ने न केवल उनके सपने को साकार किया, बल्कि युवा पीढ़ी को यह संदेश भी दिया कि अनुशासन, निरंतरता और आत्मविश्वास से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।

Also read: Tamil Nadu Blast News: तमिलनाडु में भीषण हादसा, पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 23 लोगों की मौत, 6 गंभीरतैयारी की रणनीतिआस्था सिंह ने बताती है कि उन्होंने कोई कोचिंग नहीं ली। उन्होंने घर पर ही नियमित अध्ययन, पिछले सालों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण और मानक पुस्तकों पर फोकस किया। उन्होंने समय प्रबंधन और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए अपनी तैयारी की और यही उनकी रणनीति थी। उन्होंने कहा कि UPSC की तैयारी में स्थिरता सबसे अहम है, न कि घंटों की संख्या।युवाओं के लिए प्रेरणाआस्था की सफलता उन हजारों छात्रों के लिए मिसाल है जो सोचते हैं कि UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास करने के लिए उम्र या कोचिंग जरूरी है। लेकिन उन्होंने साबित कर दिया कि सही दिशा, समर्पण और स्व-अध्ययन से 21 साल की उम्र में भी IAS का सपना पूरा किया जा सकता है।
Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Khabar Fast