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केरलम को मिलने जा रहा नया CM! जानिए किसके सिर सजेगा मुख्यमंत्री का ताज

केरलम को मिलने जा रहा नया CM! जानिए किसके सिर सजेगा मुख्यमंत्री का ताज

ख़बर Fast 2 weeks ago
Keralam Chief Minister 2026: केरलम विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना में कांग्रेस-नीत यूडीएफ भारी मतों से आगे चल रही है। शुरुआती रुझानों में यूडीएफ ने 90 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बना ली है, जबकि सत्तारूढ़ एलडीएफ सिर्फ 40-45 सीटों पर हैं।
तो वहीं, मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन अपनी धरमदम सीट पर पीछे चल रहे हैं। राज्य में 10 साल बाद सत्ता में बदलाव होता नजर आ रहा है। ऐसे में सभी का अनुमान है कि इस बार यूडीएफ सत्ता में आएगी। लेकिन सरकार बनने से पहले ही कांग्रेस के अंदर मुख्यमंत्री के ताज को लेकर बातें तेज हो गई है।

अगर ऐसा होता है तो राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा। आइए चलिए जानते है।वी.डी. सतीशन को मिलेगी हाईकमान की मंजूरी?बता दें, कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर पहले से तीन नामों पर चर्चा तेज है - वी.डी. सतीशन, रमेश चेन्निथला और के.सी. वेणुगोपाल।

लेकिन इस वक्त सबसे मजबूत दावेदार वीडी सतीशन है। विपक्ष के नेता के तौर पर उन्होंने लेफ्ट सरकार के खिलाफ आक्रामक भूमिका निभाई। फिलहाल वह अपनी परवूर सीट पर पकड़ बनाए हुए हैं। उनके पास ग्राउंड कनेक्शन है।

लेकिन फिर में उनके लिए हाईकमान की मंजूरी सबसे बड़ा चैलेंस बन सकती है। Also read: Bengal Election Result: बंगाल में मतगणना के दौरान बवाल, बांकुरा-आसनसोल में पुलिस ने किया लाठीचार्जरमेश चेन्निथला लंबे समय से सक्रिय नेताइसके अलावा CM पद के लिए रमेश चेन्निथला भी मुख्य दावेदार माने जा रहे है। फिलहाल उन्होंने अपनी हरिपाड सीट से बढ़त बनाई हुई है। दरअसल, वे कांग्रेस के पुराने कद्दावर नेता हैं।

इसी के साथ चेन्निथला का अनुभव और वरिष्ठता उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है। बावजूद इसके उन्हें बदलते समय की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।केरलम कांग्रेस में के.सी. वेणुगोपाल का दबदबाCM पद के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल का भी नाम सामने आया है।

हालांकि, इस बार वह तुनाव नहीं लड़े। लेकिन फिर भी केरलम कांग्रेस में उनका दबदबा कायम है। इसके अलावा उनके पक्ष में चल रही मजबूत लॉबिंग भी है।मालूम हो कि केरलम में कांग्रेस की राजनीति हमेशा से गुटों में बंटी रही है। पार्टी में एक अंदरूनी खींचतान साफ दिखती है। कांग्रेस की यह गुटबाजी हर बार किसी ना किसी तरह सामने आती रही है, जिससे पार्टी के अस्तित्व को काफी नुकसान भी पहुंचा है। ऐसे में कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी लड़ाई चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जीत के बाद पार्टी को एकजुट रखना है और गुटबाजी रोकना है।
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