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कोलकाता में ईद की नमाज स्थल में बड़ा बदलाव, ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा आयोजन

कोलकाता में ईद की नमाज स्थल में बड़ा बदलाव, ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा आयोजन

ख़बर Fast 1 week ago
Kolkata Eid Prayer: पश्चिम बंगाल सरकार ने इस बार ईद की नमाज को लेकर एक बड़ा बदलाव किया है। अब तक कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर होने वाली मुख्य ईद की नमाज को इस बार ब्रिगेड परेड ग्राउंड में स्थानांतरित कर दिया गया है।
सरकार के इस फैसले को शहर की यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया कदम बताया जा रहा है। सरकार का कहना है कि रेड रोड पर बड़े आयोजनों के कारण कई बार पूरे इलाके में ट्रैफिक बाधित हो जाता था। इससे आम लोगों, ऑफिस जाने वालों और आपातकालीन सेवाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को देखते हुए ईद की नमाज को एक नई और अधिक खुली जगह पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है।लोगों को मिलेगी बेहतर सुविधा ब्रिगेड परेड ग्राउंड को रेड रोड के करीब ही स्थित बताया जा रहा है और यहां पहले की तुलना में अधिक खुली जगह उपलब्ध है।

इससे नमाज अदा करने आने वाले हजारों लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी और व्यवस्था संभालना भी आसान होगा। इस बदलाव को लेकर शुरुआत में कुछ बहस जरूर हुई थी, लेकिन अब कई धार्मिक नेताओं ने भी इस फैसले का समर्थन किया है। कोलकाता की नखोदा मस्जिद के इमाम शफीक कासमी ने इस कदम को सकारात्मक बताया है। उनका कहना है कि नया स्थान ज्यादा बड़ा और सुविधाजनक है, जिससे नमाजियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।ब्रिटिश काल में बनाई गई थी रेड रोडरेड रोड का ऐतिहासिक महत्व भी काफी बड़ा है।

यह सड़क ब्रिटिश काल में बनाई गई थी और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इसे एयरस्ट्रिप के रूप में भी इस्तेमाल किया गया था। यही वजह है कि यह क्षेत्र शहर के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। पिछले कई वर्षों से ईद और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान रेड रोड को घंटों तक बंद करना पड़ता था, जिससे कोलकाता की यातायात व्यवस्था प्रभावित होती थी। कभी-कभी पूरे शहर में लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता था।आवाजाही में नहीं आएगी रुकावटसरकार का कहना है कि ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजन से न केवल धार्मिक परंपरा सुरक्षित रहेगी, बल्कि शहर की रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित नहीं होगी।

एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी बिना रुकावट आवाजाही मिल सकेगी। प्रशासन का मानना है कि बड़े शहरों में धार्मिक आयोजनों और ट्रैफिक व्यवस्था के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। इस फैसले को अब एक व्यावहारिक और लंबे समय तक चलने वाला समाधान माना जा रहा है। Also read: कर्नाटक में राज्यपाल की गैरमौजूदगी से बढ़ी हलचल, अब CM सिद्धारमैया कैसे देंगे इस्तीफा?
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