आईएएस (IAS) अधिकारी तुकाराम मुंढे इस समय सुर्खियों में आ गए हैं। सुर्खियों में आने की वजह है उनका 25वां ट्रांसफर। 21 साल की सर्विस में 24 बार उनका ट्रांसफर किया जा चुका है और अब 31 मार्च यानी मंगलवार को उनका 25वां ट्रांसफर हुआ है।
तबादले से पहले तुकाराम मुंढे मुंबई के दिव्यांग कल्याण विभाग में सचिव के तौर पर काम कर रहे थे। अब उनकी पोस्टिंग महाराष्ट्र में सचिव, वन विभाग, राजस्व और आपदा प्रबंधन पद पर की गई है।
तुकाराम मुंढे सिर्फ ट्रांसफर की वजह से ही सुर्खियों में नहीं रहते हैं बल्कि अपने काम के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने अपने जीवन में ऐसे कई काम किए हैं, जिससे आम लोगों का जीवन आसान हुआ है। तुकाराम को महाराष्ट्र का वॉटरमैन भी कहा जाता है। इसके अलावा, वह अपने सख्त रवैये के लिए भी जाने जाते हैं, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हैं और भ्रष्ट लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हैं।
कौन हैं आईएएस IAS तुकाराम मुंढे?
तुकाराम मुंढे का जन्म महाराष्ट्र के बीड जिले के एक गांव में हुआ था। वह 2005 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उनके पिता एक किसान थे, जिन्होंने खेती-बाड़ी करके और सब्जी बेचकर तुकाराम को उच्च शिक्षा दिलाई। तुकाराम का बचपन संघर्षपूर्ण रहा। वह स्कूल से लौटने के बाद अपने पिता की सब्जियां बेचने में मदद करते थे। 10वीं कक्षा के बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्हें अपने रिश्तेदारों के घर रहना पड़ा।
10वीं के बाद वह पढ़ाई के लिए औरंगाबाद चले गए। वहीं से एमए की डिग्री लेने के बाद उन्होंने यूपीएससी (UPSC) की तैयारी शुरू की थी लेकिन पहली बार वह परीक्षा पास नहीं कर पाए थे। 2005 में वह आईएएस अधिकारी बन गए।
कई बार मिला ट्रांसफर
तुकाराम मुंढे ने 2005 में UPSC का एग्जाम पास की थी, जिसके बाद उनकी ट्रेनिंग हुई। सोलापुर में बतौर ट्रेनी कलेक्टर के तौर पर उनकी नियुक्ति हुई। इसके 2 साल बाद यानी 2007 में उनका ट्रांसफर राजस्व और वन विभाग में हो गया। साल 2008 में तुकाराम मुंढे का ट्रांसफर नागपुर जिले में हुआ, जहां वह बतौर CEO काम कर रहे थे। इसके बाद साल 2009 में उनका ट्रांसफर नासिक में किया गया। इसके तीन महीने बाद उनका ट्रांसफर जिला पंचायत वाशिम में हुआ।
साल 2010 में उन्होंने मुंबई में सेल्स टैक्स के असिस्टेंट कमिश्नर के रूप में काम किया। 2014 में फिर सोलापुर में डीएम के तौर पर उन्होंने काम किया। 2016 में वह नवी मुंबई के म्यूनिसिपल कमिश्नर बने। इसके बाद भी उनके तबादलों का सिलसिला जारी रहा। तुकाराम मुंढे अकेले ऐसे आईएएस अधिकारी नहीं हैं, जिनका बार-बार ट्रांसफर हुआ है। इनके अलावा पूर्व आईएएस अशोक खेमका का 66 बार तबादला किया जा चुका है।

