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3 राज्य, 3 उपचुनाव, PK की साख दांव पर, कौन जीत रहा है बाजी?

3 राज्य, 3 उपचुनाव, PK की साख दांव पर, कौन जीत रहा है बाजी?

बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की 3 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। तीनों विधानसभा सीटों पर देशभर की नजरें टिकी हैं। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव में उतरे हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उन्हें सफलता तो नहीं मिली लेकिन अब वह इस सीट को निकालने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाते नजर आए। यह सीट, नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए भी यह प्रतिष्ठा की लड़ाई है।

तीन राज्यों की विधानसभा उपचुनाव के नतीजे सोमवार को घोषित होंगे। सबसे ज्यादा शोर बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर है। 30 जुलाई को इन तीनों सीटों पर मतदान हुआ था। तीसरी सीट गुजरात की मांजलपुर है।

बांकीपुर और दतिया का चुनाव क्यों खास है?

बांकीपुर और दतिया दोनों बीजपी के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई हैं क्योंकि दोनों सीटें बीजेपी की पारंपरिक मजबूत चौकियों मानी जाती हैं। बांकीपुर सीट पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पास थी, जबकि दतिया मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का गढ़ है।

दतिया में क्या समीकरण बन रहे हैं?

कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती दतिया से विधायक थे। दिल्ली कोर्ट ने अप्रैल में उन्हें तीन साल की सजा सुनाई, जिसके बाद उनकी विधायकी समाप्त हो गई थी। 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को हराया था। इस बार नरोत्तम मिश्रा को बीजेपी ने टिकट ही नहीं दिया था। टिकट न मिलने की वजह से उनके समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसा हुई थी।

नरोत्तम मिश्रा ने बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को पूरा समर्थन देने का वादा किया था और इस दौरान भावुक भी हुए। दतिया में मुख्य मुकाबला बीजेपी के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच माना जा रहा है।

कब गिने जाएंगे वोट?

दतिया जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि सोमवार को सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होगी, उसके बाद ईवीएम के वोटों की गिनती होगी।

बांकीपुर में क्या समीकरण बन रहे हैं?

बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन राज्यसभा गए। उन्होंने विधानसभा की सदस्यता छोड़ी। खाली सीट पर चुनाव हुआ। बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा को उतारा। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी चुनाव मैदान में हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा कुमारी भी चुनावी मैदान में उतरीं हैं।

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद बीजेपी के लिए आसान मानी जा रही है। यह बीजेपी के मौजूदा अध्यक्ष की सीट रही है तो बीजेपी इसे हारना का जोखिम नहीं ले सकती है। यह सीट प्रशांत किशोर के जोरदार प्रचार की वजह से चुनौतीपूर्ण हो गई है। प्रशांत किशोर का दावा है कि वह बीजेपी को हराकर बड़ा उलटफेर करेंगे।

मांजलपुर में क्या समीकरण बन रहे हैं?

गुजरात की मांजलपुर सीट पर भी उपचुनाव हुआ है। सीनियर बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री योगेश पटेल का 2 जून 2026 को निधन हो गया। यह योगेश पटेल का गढ़ था। अब बीजेपी ने सतीश गोविंदभाई पटेल और कांग्रेस के भिखाभाई राबारी को यहां से उतारा है। बीजेपी और कांग्रेस, दोनों जीत का दावा कर रही हैं।

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