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अफसरों ने मंगाया था लंच, 4 साल से नहीं दिए 52 हजार रुपये, फूट-फूटकर रो पड़ा शख्स

अफसरों ने मंगाया था लंच, 4 साल से नहीं दिए 52 हजार रुपये, फूट-फूटकर रो पड़ा शख्स

त्तर प्रदेश के कानपुर देहात से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सिस्टम पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी अफसरों की और भ्रष्ट सिस्टम में लाचार व्यक्ति की तस्वीर जनता के सामने रख दी है।

ताजा मामले में एक युवक का आरोप है कि अधिकारियों के कहने पर उसने करीब 500 लोगों के लिए लंच पैकेट तैयार कराए थे, लेकिन चार साल गुजर जाने के बाद भी उसे उसका भुगतान नहीं मिला। अब आर्थिक तंगी से परेशान युवक का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह रोते हुए अपनी आपबीती सुनाता नजर आ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित युवक की पहचान गौरव त्रिपाठी के रूप में बताई जा रही है। उसका दावा है कि कोविड के दौरान प्रशासनिक जरूरत के लिए अधिकारियों के निर्देश पर भोजन की व्यवस्था कराई गई थी। इसके बदले करीब 52 हजार रुपये का भुगतान होना था। हालांकि, कोविड खत्म होने के बाद अधिकारी खाने का भुगतान करना भी भूल गए।

क्या है पूरा मामला?

पीड़ित गौरव त्रिपाठी कानपुर देहात के अकबरपुर निवासी हैं और मां की रसोई नाम से ढाबा चलाते हैं। चार साल पहले इन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के एक प्रोग्राम में विकास भवन में 500 लंच पैकेट सप्लाई किए थे। कुल बकाया राशि 52,900 रुपये है। इन चार सालों में गौरव त्रिपाठी बार-बार अधिकारियों के पास गए, चक्कर लगाए, लेकिन भुगतान नहीं मिला। पिछले चार सालों से गौरव सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं ताकि उन्हें उनके खाने का भुगतान मिल सके लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है।

पिछले चार साल से उन्हें परेशान किया जा रहा है। सिस्टम और अधिकारियों के व्यवहार से तंग आकर 31 मई को अपनी मजबूरी में गौरव विकास भवन पहुंचे, खुद पर पेट्रोल डाला और आत्मदाह करने की चेतावनी दी। हालांकि, वहां मौजूद लोगों ने गौरव को सुरक्षित बचा लिया गया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में गौरव ने अपनी बात रखी।

कई बार लगाए चक्कर

वीडियो में गौरव कहता नजर आ रहा है कि उसने भुगतान के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों और दफ्तरों के चक्कर लगाए, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। उसका आरोप है कि अब उसकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। गौरव का गुस्सा इतना ज्यादा बढ़ गया है कि उन्होंने पूरे सिस्टम पर सवाल किया।

उन्होंने कहा, 'सिर्फ पैसों की बात नहीं है। विभाग में इतनी अनियमितताएं फैली हैं कि हर किसी को परेशान होना पड़ रहा है।' गौरव ने बताया कि उनके पास ऑर्डर की डिटेल्स हैं। दो अधिकारी उन्हें पिछले चार साल से आश्वासन दे रहे हैं उनकी आज रिटायर्मेंट है लेकिन आज भी वह वही आश्वासन दे रहे हैं।

दो हफ्ते में होगा भुगतान

मामला बढ़ने के बाद पुलिस भी एक्शन मोड में आई। कानपुर देहात पुलिस ने इस मामले पर सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए लिखा, 'इस प्रकरण में तत्काल पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर संबंधित व्यक्ति को समझाया-बुझाया। श्रम आयुक्त रोजगार कार्यालय ने दो सप्ताह के भीतर बकाया भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया है, मौके पर शांति व कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।'

वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। कई लोगों ने इसे सरकारी व्यवस्था की संवेदनहीनता बताते हुए भुगतान कराने की मांग उठाई है। वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि युवक लगातार न्याय की मांग कर रहा है लेकिन उसे राहत नहीं मिली। कुछ लोग लिख रहे हैं कि उस व्यक्ति ने रिश्वत नहीं दी होगी इसलिए उसका भुगतान नहीं हो रहा है।

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