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बुखार आया, उल्टी हुई और 10 दिन में मर गए एक ही परिवार के 4 बच्चे

बुखार आया, उल्टी हुई और 10 दिन में मर गए एक ही परिवार के 4 बच्चे

ध्य प्रदेश के शिवपुरी में अज्ञात संक्रमण के चलते 21 अगस्त से 31 अगस्त के बीच एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई, जिनमें तीन नाबालिग सगे भाई शामिल हैं। मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया और मंगलवार शाम उसकी एक टीम ने पीड़ित परिवार से मिलकर जानकारी हासिल की और सैंपल लिए।

बताया गया है कि पहले इन बच्चों को बुखार हुआ, फिर पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद तबीयत तेजी से बिगड़ती गई।

किसी भी तरह के खान-पान से जुड़ी समस्या की बात सामने नहीं आई है। मृतक बच्चों के परिवार का कहना है कि चारों बच्चे एक झरने पर नहाने गए थे और उसी के बाद से तबीयत बिगड़नी शुरू हुई। एकसाथ 4 बच्चों की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने भी सवाल उठाए हैं और इसकी गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।

एक जैसे लक्षण और चंद दिनों में गई जान

अधिकारी के मुताबिक, चारों बच्चों की तबीयत लगभग एक जैसी बिगड़ी। पहले बुखार आया, फिर पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत हुई और हालत तेज़ी से गंभीर होती चली गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए लेकिन दो-तीन दिन के भीतर ही एक के बाद एक सभी ने दम तोड़ दिया। मृतकों में तीन बच्चे सगे भाई हैं जबकि चौथा बच्चा उनका रिश्तेदार है। अचानक हुई इन मौतों से परिवार में मातम पसरा है और परिजन सदमे में हैं।

परिजन के मुताबिक, सबसे पहले 18 अगस्त को तनवीर अहमद के 14 वर्षीय बेटे ताहिर की तबीयत खराब हुई। बुखार, उल्टी-दस्त और पेट दर्द के बाद हालत बिगड़ी और दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। इलाज के दौरान उसकी प्लेटलेट्स तेज़ी से कम होने की बात सामने आई थी। ताहिर की मौत के बाद तनवीर की बहन के 19 वर्षीय बेटे अयाज की तबीयत बिगड़ी। उसे पहले शिवपुरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, हालत गंभीर होने पर ग्वालियर ले जाया गया, जहां 23 अगस्त को उसकी भी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, अयाज की जांच में भी संक्रमण की बात सामने आई थी।

इसके बाद 9 वर्षीय तारूफ और 11 वर्षीय तासिफ को बुखार आया और दोनों की तबीयत भी तेज़ी से बिगड़ने लगी। परिवार ने इलाज कराया लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। 31 अगस्त की सुबह तारूफ की मौत हो गई और उसी दिन शाम को उसके बड़े भाई तासिफ ने भी दम तोड़ दिया।

झरने के पानी ने ले ली जान?

परिजन के मुताबिक, चारों बच्चे 16 अगस्त को परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गोरा टीला के पास स्थित एक झरने पर नहाने गए थे। झरने से लौटने के बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला शुरू हुआ। परिवार और स्थानीय लोगों ने झरने के पानी के दूषित होने की आशंका जताई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने कम समय में एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत सामान्य घटना नहीं है और प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को इसकी गंभीरता से जांच करनी चाहिए।

जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. संजय ऋषिश्वर ने बताया कि वे स्वयं परिवार के पास पहुंचे थे और प्रारंभिक जांच में चारों की मौत संक्रमण से होने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि बच्चों की प्लेटलेट्स तेज़ी से कम हुई थीं और एक बच्चे में कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। डॉ. ऋषिश्वर ने कहा, 'परिवार के सभी सदस्यों के नमूने लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारण के संबंध में कोई स्पष्ट निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।' एक अन्य अधिकारी ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ, इसलिए मौत का मुख्य कारण अभी स्पष्ट नहीं है।

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