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दतिया उपचुनाव में हार के बाद BJP ने जिला संगठन किया भंग, डैमेज कंट्रोल शुरू

दतिया उपचुनाव में हार के बाद BJP ने जिला संगठन किया भंग, डैमेज कंट्रोल शुरू

ध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आशुतोष तिवारी को 6,056 वोटों के अंतर से हरा दिया है। इस करारी हार के बाद बीजेपी ने दतिया में बड़ा कदम उठाते हुए जिला अध्यक्ष और अपनी पुरानी टीम को पद से हटा दिया है।

दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को वोट डाले गए थे और इसके नतीजे 4 अगस्त को आए थे। यह सीट पहले कांग्रेस के राजेंद्र भारती के पास थी। उनकी सदस्यता खत्म होने की वजह से यह सीट खाली हुई थी जिस पर दोबारा चुनाव करवाना पड़ा था। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपनी यह सीट बचा ली है और कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने जीत दर्ज की है।

बीजेपी के मजबूत इलाके में हार

दतिया को हमेशा से बीजेपी का बहुत मजबूत क्षेत्र माना जाता रहा है, यहां हार मिलना पार्टी के लिए बहुत बड़ी चिंता की बात बन गई है। इस बार बीजेपी ने अपने जाने-माने नेता और पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया था और उनकी जगह आशुतोष तिवारी को चुनाव में उतारा था। चुनाव के प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और खुद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बहुत मेहनत की और खूब प्रचार किया लेकिन इसके बावजूद पार्टी जीत नहीं पाई। इस अचानक मिली हार के बाद अब पार्टी के अंदर ही उम्मीदवार चुनने के तरीके पर सवाल उठने लगे हैं।

इस चुनाव में एक बहुत हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का जो अपना बूथ नंबर-121 था, वहां भी बीजेपी हार गई। इस बूथ पर कांग्रेस को 291 वोट मिले और बीजेपी को सिर्फ 264 वोट ही मिल पाए। इस बात के सामने आने के बाद पार्टी के अंदर ही अपनों द्वारा विरोध करने और बूथ संभालने में कमी को लेकर बातें होने लगी हैं, हालांकि पार्टी की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

नई टीम की तैयारी

चुनाव का नतीजा आने के बाद बीजेपी संगठन ने बहुत सख्त कदम उठाया। आदेश जारी करके जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह को उनके पद से हटा दिया गया और उनके साथ काम करने वाली पूरी जिला कार्यकारिणी को भी भंग कर दिया गया। इसके अलावा जिले के अंदर आने वाले सभी मंडलों, मोर्चों, विभागों और बाकी सभी स्थानीय इकाइयों को भी पूरी तरह से खतम कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब दतिया में पार्टी का पूरा काम बिल्कुल शून्य से शुरू होगा और आने वाले दिनों में नए चेहरों के साथ नई टीम बनाई जाएगी।

दतिया में बीजेपी की हार के पीछे कई बातें सामने आ रही हैं। इनमें डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने से कार्यकर्ताओं की नाराजगी, ब्राह्मण और जाति समीकरणों का काम न करना, कांग्रेस उम्मीदवार की मजबूत पकड़ और जमीन स्तर पर कमजोर बूथ प्रबंधन मुख्य वजहें रहीं।

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