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दाउद का गुर्गा मुन्ना झींगड़ा जांच एजेंसियों की रडार पर क्यों है? समझिए मामला

दाउद का गुर्गा मुन्ना झींगड़ा जांच एजेंसियों की रडार पर क्यों है? समझिए मामला

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देश के अलग-अलग राज्यों से 9 संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा है और इन लोगों की गिरफ्तारी से एक बहुत बड़े हमले की प्लानिंग फेल हो गई है। पुलिस की जांच में पता चला है कि इस पूरे गैंग को पाकिस्तान में बैठा मुन्ना झींगड़ा चला रहा था जो अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का बहुत करीबी है और छोटा शकील के लिए शूटर का काम करता था।

इस खुलासे से साफ हो गया है कि दाऊद का गैंग पाकिस्तान की मदद से भारत में फिर से अपना नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।

पुलिस ने इन 9 संदिग्धों को महाराष्ट्र, पंजाब और दिल्ली से गिरफ्तार किया है। ये लोग दिल्ली, मुंबई और पंजाब के कई शहरों में बड़े हमलों की तैयारी कर रहे थे। इनके निशाने पर सरकारी इमारतें, पुलिसकर्मी, बड़े पुल और वीआईपी जगहें थीं। इन लोगों ने मुंबई के दादर स्टेशन और कुछ मुख्य पुलों की रेकी भी कर ली थी, यानी वहां जाकर सब देख लिया था। पुलिस ने इनके पास से बहुत सारे हथियार, हैंड ग्रेनेड और पिस्टल बरामद किए हैं।

कौन है मुन्ना झींगड़ा

मुन्ना झींगड़ा मुंबई के जोगेश्वरी इलाके का रहने वाला एक खतरनाक शूटर है। साल 1993 में जब मुंबई में बम धमाके हुए थे तब वह छोटा शकील के गैंग में शामिल हो गया था। साल 2000 में छोटा शकील के कहने पर मुन्ना झींगड़ा बैंकॉक गया था और वहां उसने दाऊद के दुश्मन छोटा राजन पर गोलियां चलाई थीं। उस हमले में छोटा राजन तो बच गया था लेकिन उसका खास आदमी रोहित वर्मा मारा गया था।

बैंकॉक में हमले के बाद वहां की पुलिस ने मुन्ना झींगड़ा को पकड़ लिया और उसे 10 साल जेल हुई। इसके बाद भारत और पाकिस्तान पासपोर्ट पर नाम बदलकर बैंकॉक में रह रहा था। पाकिस्तान का कहना था कि वह उनका नागरिक है जबकि भारत ने सबूत दिए कि वह मुंबई का रहने वाला है। आखिर में साल 2019 में थाईलैंड ने उसे पाकिस्तान को सौंप दिया था।

जेल में हुई दोस्ती

इस गैंग में पुलिस ने अंग कामी लामा नाम के एक नेपाली नागरिक को भी पकड़ा है। लामा साल 2001 से 2018 तक थाईलैंड की जेल में बंद था और उसी जेल में मुन्ना झींगड़ा भी बंद था। जेल के अंदर ही दोनों की बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी। जेल से बाहर आने के बाद भी लामा पाकिस्तान में बैंठे मुन्ना झींगड़ा के टच में था। झींगड़ा ने लामा को काम सौंपा था कि वह दिल्ली में आतंकियों के छिपले के लिए जगह ढू्ंढे और पैसों का इंतजाम करे।

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