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हाइपर लूप, एयर टैक्सी और पॉड टैक्सी, कहां रह गए ये प्रोजेक्ट?

हाइपर लूप, एयर टैक्सी और पॉड टैक्सी, कहां रह गए ये प्रोजेक्ट?

भारत में सार्वजनिक परिवहन के लिए सबसे सुलभ और सस्ता साधन रेलगाड़ी है। मेट्रो ट्रेन बड़े शहरों तक सीमित है और छोटे शहरों में राज्य की बसें ही अहम सहारा हैं। ऐसे में समय-समय पर नए तरीकों की खोज भी होती रहती है।

कई बार आरंभिक तौर पर तो कई नए ट्रांसपोर्ट मोड सफल होते हैं लेकिन उन्हें जमीन पर उतारने में समस्या आ जाती है। भारत में मौजूदा वक्त में ऐसे कई ट्रांसपोर्ट मोड की तैयारी चल रही है। इनमें हाइपर लूप, हाइड्रोजन ट्रेन, एयर टैक्सी और पॉड टैक्सी प्रमुख हैं।

मौजूदा वक्त में नए भारत में परिवहन के नए साधनों में मेट्रो के अलावा, रैपिड रेल, मोनो रेल और वाटर टैक्सी जैसे परिवहन संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा, पहली बुलेट ट्रेन लाइन पर काम जारी है। हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन, एयर टैक्सी, पॉड टैक्सी और हाइपर लूप जैसे प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनकी अभी टेस्टिंग चल रही है और उनका भविष्य निश्चित नहीं है। आइए इन प्रोजेक्ट के सामने आ रही चुनौतियों और उनके भविष्य के बारे में जानते हैं।

हाइपर लूप

दुनिया में हाइपर लूप टेक्नॉलजी के जरिए एक ट्यूब में लोगों को लाने और ले जाने वाले इस प्रोजेक्ट का एक ट्रायल साल 2020 में हुआ था। तब वर्जिन नाम की कंपनी 'हाइपरलूप वन' नाम से यह प्रोजेक्ट लाई थी और जोर-शोर से इसका ट्रायल शुरू हुआ था। इसकी रफ्तार लगभग 1127 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती थी। अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता और इस रफ्तार से लोगों को भेजा जा सकता तो डेढ़ घंटे से भी कम समय में दिल्ली से मुंबई का सफर तय हो जाता। 2022 में इस कंपनी ने लोगों के बजाय सामान भेजने की बात कही और 2023 आते-आते इस प्रोजेक्ट को बंद करने का एलान कर दिया गया।

महाराष्ट्र सरकार ने भी 2019 में ही हाइपर लूप प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। 35 अरब रुपये के निवेश से मुंबई-पुणे के बीच लाइपर लूप का निर्माण होना था। बीच में सरकार बदली तो मामला एकदम ठंडा पड़ गया। 2024 में जब देवेंद्र फडणवीस सत्ता में लौटे तो इस पर फिर से चर्चा शुरू हो गई। केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी। हालांकि, पहले जो रफ्तार 1200 किलोमीटर प्रति घंटा के आसपास रहने की उम्मीद थी, उसके बारे में अब कहा गया कि मुंबई और पुणे के बीच इसकी स्पीड 600 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। कहा गया कि मुंबई और पुणे के बीच का सफर सिर्फ 25 मिनट का रह जाएगा।

5 दिसंबर 2024 को रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक ट्वीट करके जानकारी दी कि भारत का पहला हाइपरलूप टेस्ट ट्रैक आईआईटी-मद्रास के तैयूर कैंपस में तैयार किया गया है। इसकी लंबाई सिर्फ 410 मीटर है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर यह प्रोजेक्ट बंद कर दिए जाने के चलते इसके पूरे होने और जमीन पर उतरने को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। यही वजह है कि अब इसका ट्रायल आईआईटी-मद्रास की निगरानी में हो रहा है। अभी तक किसी भी देश में हाइपरलूप जैसा प्रोजेक्ट कहीं पर शुरू नहीं हो सका है। भारत में फरवरी 2025 में भी रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक और वीडियो शेयर किया। इसमें यह देखा गया कि एक ट्रैक पर एक डिवाइस चलती दिख रही है।

मार्च 2025 में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अब हाइपरलूप प्रोजेक्ट को इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई में विकसित किया जाएगा। उन्होंने भरोसा भी जताया कि भारत जल्द ही इस प्रोजेक्ट को पूरा करेगा। हालांकि, वास्तविकता यह है कि एक दशक से ज्यादा वक्त बीत जाने के बावजूद हाइपरलूप प्रोजेक्ट अभी भी ट्रायल फेज में ही है और इसे निकट भविष्य में पूरा होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

एयर टैक्सी

भारत में कई शहरों में हवाई टैक्सी सेवाओं का भी एलान किया गया है। इसी साल फरवरी के महीने में दिल्ली-एनसीआर में एयर टैक्सी शुरू करने का एलान किया गया था। प्रस्ताव है कि हवा में उड़ने वाली टैक्सी के जरिए गुरुग्राम, कनॉट प्लेस और जेवर एयरपोर्ट को आपस में जोड़ा जाएगा। यह प्लान कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) ने तैयार किया है। इसमें ऐसे हेलिकॉप्टर उड़ाए जाएंगे। फिलहाल, DGCA इससे जुड़े नियम बना रहा है और यह प्रोजेक्ट प्लानिंग फेज में ही है।

इसी तरह सरला एविएशन नाम की कंपनी ने इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी चलाने का एलान किया है। इस कंपनी में इंडिगो जैसी कंपिनयों ने भी पैसे लगाए हैं। हालांकि, यह प्रोजेक्ट भी अभी तक प्लानिंग फेज में ही है।

पॉड टैक्सी

इसी तरह पॉड टैक्सी का भी एलान किया गया है। इसमें छोटी-छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियां होंगी जो एलिवेटेड ट्रैक पर चलाई जाएंगी। हाल ही में नोएडा फिल्म सिटी और जेवर एयरपोर्ट के बीच पॉड टैक्सी चलाने का एलान हुआ है। मुंबई में पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है और कुर्ला और बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के बीच इसका निर्माण होना है। हालांकि, यह प्रोजेक्ट भी अभी प्लानिंग फेज में ही है।

कुल मिलाकर देखा जाए तो भारत में पहले से चल रही रेल और मेट्रो सेवाओं के अलावा सिर्फ बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ही ऐसा है जिस पर तेजी से काम चल रहा है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बाकी के जितने भी ट्रांसपोर्ट मीडियम का एलान अब तक हुआ है, वे या तो प्लानिंग फेज में हैं या अभी उनका ट्रायल ही किया जा रहा है।

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