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हरियाणा की दादा लख्मीचंद यूनिवर्सिटी में लगी प्रदर्शनी, आप कब देख पाएंगे?

हरियाणा की दादा लख्मीचंद यूनिवर्सिटी में लगी प्रदर्शनी, आप कब देख पाएंगे?

रियाणा के रोहतक में स्थित (DLCSUPVA) की सालाना कला प्रदर्शनी का आगाज हो चुका है। रविवार 3 मई को यूनिवर्सिटी के चांसलर और प्रदेश के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने इस प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।

उनके साथ उनकी धर्मपत्नी मित्रा घोष भी मौजूद रहीं और इस मौके पर उनकी पत्नी भी उनके साथ रही। इसके अलावा उनके साथ इंडिया हैबिटेट सेंटर के डायरेक्टर केजी सुरेश और फर्स्ट लेडी ऑफ यूनिवर्सिटी प्रोफेसर गायत्री रैना भी मौजूद रहीं। यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ अमित आर्य व रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा ने इस कार्यक्रम में सभी मेहमानों का स्वागत किया।

DLCSUPVA में हर साल 'अभिव्यंजना' नाम से कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। इस साल इस प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में यूनिवर्सिटी के चांसलर खुद मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने यूनिवर्सिटी परिसर में लगी सूर्य कवि दादा लख्मी चंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। राज्यपाल असीम कुमार घोष ने खुद यूनिवर्सिटी परिसर स्थित फैकल्टी ऑफ डिजाइन में लगाई गई कला प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

राज्यपाल ने की तारीफ

राज्यपाल असीम कुमार घोष ने प्रदर्शनी में लगी कलाकृतियों को बारीकी से देखा और छात्रों से कलाकृतियों के बारे में जानकारी भी ली। प्रदर्शनी को देखकर उन्होंने छात्रों के टैलेंट, मेहनत व लगन के साथ इस तरह के आयोजन के लिए यूनिवर्सिटी प्रबंधन की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए एक बेहतर मंच उपलब्ध कराते हैं।

यूनिवर्सिटी ने शुरू किया न्यूज लेटर

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने यूनिवर्सिटी के न्यूज लेटर 'अभिव्यक्ति- कला साधना की सशक्त आवाज' का विमोचन भी किया। यह यूनिवर्सिटी का पहला न्यूज लेटर है, जिसमें जून 2025 से अप्रैल 2026 तक यूनिवर्सिटी की तरफ से की गई सभी सांस्कृतिक, अकादमिक और अन्य अभी तरह की गतिविधियों को जोड़ा गया है। कुलगुरु डॉ अमित आर्य और रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा के मार्गदर्शन में न्यूज लेटर तैयार किया गया है। डॉ अमित आर्य के अनुसार, फिलहाल 24 पेज का न्यूज लेटर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि अब वह नियमित रूप से हर तीसरे महीने न्यूज लेटर जारी करेंगे।

आप कब देख सकते हैं प्रदर्शनी?

इस कला की प्रदर्शनी को आम लोग भी देख पाएंगे। यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने बताया कि सोमवार को यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह है, जिसके चलते सोमवार को केवल खास अतिथि ही प्रदर्शनी को देख सकेंगे। हालांकि, उन्होंने बताया कि मंगलवार यानी 5 मई से प्रदर्शनी सभी लोगों के लिए खोल दी जाएगी। 5 से 8 मई तक लोग सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक प्रदर्शनी देख सकेंगे।

प्रदर्शनी में क्या है खास?

फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के कोऑर्डिनेटर विनय कुमार के अनुसार, प्रदर्शनी में छात्रों ने एक से बढ़कर एक कलाकृति प्रदर्शित की हैं। एप्लाइड आर्ट, एनीमेशन, पेंटिंग, स्कल्पचर (मूर्तिकला) और प्रिंट मेकिंग का समावेश इस प्रदर्शनी में देखा जा सकता है। प्रदर्शनी में एक छात्र ने आसमान को ही कैनवास बना लिया है। उन्होंने ट्विग्स आर्ट (पेड़ की टहनी के टुकड़ों) से एक खास कलाकृति तैयार की है, जिसे रस्सियों की मदद से लटकाया गया है और इसमें टहनियों टुकड़ों ने अक्षर बनाए गए हैं, जब ऊपर की तरफ देखते हैं, तो आसमान में वह शब्द दिखाई देते हैं।

इसके अलावा छात्रों ने अपनी कलाकृतियों में महिला शक्ति, ग्रामीण परिवेश, मातृत्व के भाव, अक्षरों व रंगों के जादू को शानदार तरीके से पेश किया है। हर कलाकृति के पीछे उसे तैयार करने वाले कलाकार की सोच और एक कहानी छिपी हुई है, जिसे बताने के लिए छात्र अपनी कलाकृतियों के पास मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही मिट्टी, क्ले व गत्ते से बने मॉडल, स्टील व लोहे की तारों से बने स्कल्पचर, फोटोग्राफी, एनिमेशन से तैयार आर्ट, पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग, वेस्ट चीजों से तैयार कलाकृतियां अपनी तरफ आकर्षित करती हैं।

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