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काला कोट पहनकर ही क्यों आए थे जोसेफ विजय? अब दे दिया जवाब

काला कोट पहनकर ही क्यों आए थे जोसेफ विजय? अब दे दिया जवाब

मिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सोमवार को तिरुचिरापल्ली में एक रैली को संबोधित किया। सीएम बनने के बाद यह उनकी पहली रैली थी। इस दौरान विजय ने डीएमके-एआईएडीएमके दोनों पर एक साथ निशाना साधा।

उन्होंने खुद के खिलाफ विधायकों की खरीद-फरोख्त करने के आरोपों को भी खारिज कर दिया।

सीएम विजय ने अपने विरोधी पार्टियों डीएमके और एआईएडीएमके पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे लूट मचाने के लिए चोरी-छिपे सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

डीएमके पर तीखा हमला

दस मई को मुख्यमंत्री संभालने वाले विजय ने रैली को संबोधित करते हुए डीएमके पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि डीएमके सिर्फ उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की लगातार आलोचना कर रही है। उन्होंने कहा कि डीएमके की 'परिवार की राजनीति' ही 23 अप्रैल के विधानसभा चुनाव में उसकी हार का कारण बनी। विजय ने कहा, जनता ने मुझे मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि प्रथम सेवक बनाया है।

उन्होंने यह भी कहा कि डीएमके जितनी ज्यादा उनकी आलोचना करेगी, उतना ही अधिक फायदा टीवीके को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद दोनों द्रविड़ पार्टियों ने मिलकर सौदेबाजी की और गुपचुप तरीके से सरकार बनाने की कोशिश की ताकि राज्य में लूट मचाते रहें।

दोनों दलों को डर क्यों था?

सीएम विजय ने दावा किया कि दोनों दलों को डर था कि अगर टीवीके सरकार बना लेगी तो उनका काम यानी लूट और भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा। उन्होंने डीएमके को बुरी ताकत और एआईएडीएमके को खत्म हो चुकी ताकत बताया। टीवीके प्रमुख ने कहा, 'जैसाकि मैंने पहले कहा था, मुकाबला केवल टीवीके और डीएमके के बीच है, बाकी कोई मायने नहीं रखता।'

काले कोट को लेकर दिया जवाब

इसी बीच सीएम विजय ने अपने कपड़ों को लेकर कही जाने वाली बातों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'बहुत से लोग मेरे कोट पहनने के बारे में बात कर रहे हैं। क्यों? क्या हमें कोट और सूट पहनने की इजाजत नहीं है? क्या सिर्फ पावर में बैठे लोगों और दबदबे वाली ताकतों को ही कोट और सूट पहनने चाहिए? ये दो रंग इंसान के दिमाग के दो पहलू दिखाते हैं और मैं फैंसी रंग नहीं पहनना चाहता।'

'मैं आपका विजय हूं, बस इतना ही'

उन्होंने कहा कि लोग उन्हें पेरम्बू का विधायक कहते हैं, लेकिन उनके लिए तिरुचिरापल्ली के लोग बहुत करीब हैं। विजय ने यह भी कहा कि दिवंगत मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन (एमजीआर) को भी उनके पहले चुनाव में इतने वोट नहीं मिले थे, जितने उन्हें मिले हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद की तुलना एमजीआर से नहीं कर रहे। मुख्यमंत्री ने कहा, 'मैं एमजीआर, अन्ना और पेरियार के दिखाए रास्ते पर चलने वाला आपका विजय हूं, बस इतना ही।'

टीवीके ने जाति, धर्म को तोड़ा

विजय ने यह भी कहा कि अगर थोड़ा और समर्थन मिला होता तो परिणाम और बेहतर होते, लेकिन उन्हें विश्वास है कि भविष्य के सभी चुनावों में पूरा समर्थन मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी टीवीके ने जाति, धर्म और वोट के बदले पैसे जैसी बाधाओं को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि टीवीके सरकार सभी का ख्याल रखेगी और राज्य के अधिकारों तथा धर्मनिरपेक्षता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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