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पंजाब निकाय चुनावों में AAP की आंधी, विपक्ष को धांधली क्यों लग रही?

पंजाब निकाय चुनावों में AAP की आंधी, विपक्ष को धांधली क्यों लग रही?

पंजाब के नगर निकाय चुनावों के नतीजे शुक्रवार को आए। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) ने इन चुनावों में साफ बढ़त बना ली है। चुनाव के नतीजों को लेकर अब विवाद हो रहा है। पूरे चुनाव के दौरान, विपक्ष ने AAP सरकार पर धांधली के आरोप लगाए हैं।

नामांकन से लेकर वोटिंग तक के दौरान हिंसा, दबाव और धांधली के आरोप लगे।

शाम 3 बजे तक के नतीजों के अनुसार, AAP ने 675 वार्डों में जीत दर्ज की। कांग्रेस 270, निर्दलीय 211, शिरोमणि अकाली दल (SAD) 150, भारतीय जनता पार्टी (BJP) 67 और बहुजन समाज पार्टी (BSP) 6 वार्डों में जीती। 80 उम्मीदवार बिना मुकाबला के चुने गए, जिनमें 63 AAP के थे।

क्यों चौंका रहे हैं आंकड़े?

मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह क्षेत्र धूरी में AAP ने 21 में से 20 वार्ड जीते। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के क्षेत्र आनंदपुर साहिब में 13 में से 11 वार्ड AAP के खाते में गए। कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह वड़िंग के गृह क्षेत्र गिद्दड़बाहा में भी AAP ने 19 में से 17 वार्ड जीत लिए।

विपक्ष के आरोप क्या हैं?

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि नामांकन के समय उनके उम्मीदवारों को फॉर्म जमा करने नहीं दिया गया या उन पर दबाव बनाकर नाम वापस करवाया गया। 26 मई को वोटिंग के दिन भी कई जगह झड़पें और हिंसा हुई। चुनाव में EVM की बजाय मतपत्रों से वोटिंग कराई गई, जिस पर बीजेपी ने सबसे ज्यादा आपत्ति जताई।

BJP इसे वोट चोरी क्यों बता रही है?

बीजेपी ने निकाय चुनावों में वोटिंग को धांधली बताई है। बीजेपी ने इसे 'वोट चोरी' बताया और कहा कि AAP ने गड़बड़ी करने के लिए जानबूझकर मतपत्र चुने। बीजेपी प्रवक्ता विनीत जोशी ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हर तरह के अत्याचार किए। नामांकन रद्द करने से लेकर लोगों को डराने-धमकाने तक सब हुआ। नयागांव में बीजेपी उम्मीदवार आगे चल रहा था, फिर भी गिनती तीसरी बार हो रही है।

कांग्रेस ने क्या आरोप लगाए हैं?

कांग्रेस ने कहा कि नगर निकाय चुनावों में सत्ताधारी पार्टी को फायदा मिलना आम बात है। लीडर ऑफ अपोजिशन प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि यह स्थानीय निकाय चुनाव हैं और असेंबली चुनाव में AAP और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला रहेगा। अकाली दल को इन नतीजों से कुछ राहत मिली। अकाली दल ने दावा किया कि शहरी पंजाब में अभी भी उसकी अच्छी पकड़ है।

बीजेपी और कांग्रेस, दोनों को उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले। कांग्रेस को लग रहा था कि एंटी इनकंबेंसी, उनके पक्ष में काम करेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब आम आदमी पार्टी ने साल 2027 से पहले के चुनाव में लिटमस टेस्ट पास कर लिया है, वहीं विपक्ष चुनाव में अपारदर्शिता का आरोप लगा रहा है।

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