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'शिवसेना को कमजोर करने की कोशिश कर रहे BJP नेता', संभाजीनगर में क्यों मचा बवाल?

'शिवसेना को कमजोर करने की कोशिश कर रहे BJP नेता', संभाजीनगर में क्यों मचा बवाल?

हाराष्ट्र में होने का जा रहे विधान परिषद के चुनाव अब रोमांचक मोड़ लेते जा रहे हैं। संभाजी नगर की सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार के सामने शिवसेना नेता अब्दुल सत्तार के बेटे समीर सत्तार ने भी पर्चा भर दिया है।

अब अब्दुल सत्तार ने अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा है कि अब्दुल सत्तार ने आरोप लगाए हैं कि बीजेपी के कई नेता लंबे समय से शिवसेना को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह गलत बात है क्योंकि उनके (शिवसेना के) नेता एकनाथ शिंदे का आदेश था और उनका आदेश ना मानना बहुत गलत है।

महायुति गठबंधन के हिसाब से संभाजीनगर-जालना वाली सीट बीजेपी के हिस्से में गई है। हालांकि, इस जिले में मजबूत रही शिवसेना के कुछ नेता इस फैसले से सहमत नहीं हैं। सिल्लोड नगर परिषद के अध्यक्ष समीर सत्तार के अचानक चुनाव में उतर जाने से मामला रोमांचक हो गया है। आखिरी वक्त में उनका नामांकन बिना उनकी मौजूदगी के दाखिल हो गया जिससे महायुति कैंप में खलबली मच गई है। हालांकि, अभी नामांकन वापस लेने के लिए 4 जून तक समय बाकी है।

इसी सीट से बीजेपी नेता सुहास शिरसाट को अपना उम्मीदवार बनाया है। शिवसेना और एनसीपी ने उनका समर्थन किया है लेकिन अब समीर सत्तार का नामांकन भरने और अब्दुल सत्तार का अपने बेटे का समर्थन करने से मामला फंसता दिख रहा है। उधर शिवसेना और शिवसेना (उद्धव बाला साहब ठाकरे) की बढ़ती करीबी भी बीजेपी की चिंता बढ़ा सकती है।

क्या बोले अब्दुल सत्तार?

अपने बेटे के बचाव में अब्दुल सत्तार ने कहा है, 'कैंडिडेट को लेकर हमारा कोई विरोध नहीं है। बीजेपी के लोगों ने अपना फॉर्म भरा है। हमारी महायुति के सारे नेता उनके साथ हैं। अब अगर एक नगर अध्यक्ष नहीं रहा तो उससे क्या फर्क पड़ता है। राजनीति में ये चीजें होती हैं। 51-52 नगर सेवक हैं, जिला परिषद सदस्य हैं, उनको न्याय नहीं मिल रहा है। अगर उनको न्याय मिलता तो आज हमको यह बात करने की या उनको फॉर्म भरने की जरूरत ही नहीं पड़ती।'

उन्होंने आगे कहा, 'जब वैसे भी न्याय नहीं मिलेगा तो राजनीति में अपना नसीब कोई भी आजमाता है। मेरा ही लड़का आजमा रहा है, सिर्फ ऐसा ही नहीं है। मौजूदा राजनीतिक परिस्थिति यह है कि बीजेपी के स्थानीय नेता बड़े पैमाने पर शिवसेना को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।'

BJP ने उठाए सवाल

इस मामले पर बीजेपी के नेता अतुल सुवे ने कहा, 'बीजेपी के नेता देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता सुनेत्रा पवार ने एकसाथ बैठकर एक फॉर्मूला बनाया और उसके हिसाब से सीटें बंटीं। इसी के चलते हमने संभाजीनगर से फॉर्म भरा। इसमें सारे शिवसेना के नेता, एनसीपी के नेता और बाकी सभी उपस्थित थे लेकिन अब्दुल सत्ता नहीं थे। उन्होंने फॉर्म भरा यह बहुत गलत बात है। उनके नेता एकनाथ शिंदे के आदेश को नहीं मानना, मतलब अपने नेता का अपमान करना है और यह बहुत बुरी बात है।'

बता दें कि महाराष्ट्र में विधान परिषद की कुल 17 सीटों के लिए चुनाव होने हैं और 1 जून को नामांकन दाखिल किए जा चुके हैं। महायुति में बीजेपी 11, शिवसेना 4 तो एनसीपी 2 सीटों पर लड़ रही है। उधर, महा विकास अघाड़ी (MVA) में कांग्रेस 8, शिवसेना (UBT) 6 और एनसीपी (शरद पवार) सिर्फ 3 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। कुछ सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार भी खेल बिगाड़ने की स्थिति में हैं।

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