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'वर्ल्ड ऑर्डर में कोई ऑर्डर नहीं, PAK में IT मतलब इंटरनेशनल टेररिज्म'- राजनाथ

'वर्ल्ड ऑर्डर में कोई ऑर्डर नहीं, PAK में IT मतलब इंटरनेशनल टेररिज्म'- राजनाथ

भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मौजूदा वैश्विक परिस्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि मौजूदा वर्ल्ड ऑर्डर ऐसा है जिसमें कोई ऑर्डर ही नहीं है। आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देश एकसाथ आजाद हुए और दोनों IT में आगे हैं।

राजनाथ सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान में आईटी का मतलब 'इंटरनेशनल टेररिज्म' है। रक्षामंत्री राजनाथ ने यह भी कहा कि आतंकवाद का असली आईपी एड्रेस उसकी आइडियोलॉजिकल और पॉलिटिकल जड़ों में मिलता है।

न्यूज एजेंसी ANI की ओर से आयोजित नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 में पहुंचे राजनाथ सिंह ने आतंकवाद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मौजूदा वैश्विक परिदृश्य पर अपनी राय रखी। उन्होंने देश के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उन्हीं के चलते यह चर्चा हो पा रही है और लोग सुरक्षित बैठे हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक ऐसा मोड़ था जिसने पूरी दुनिया को संदेश दिया कि भारत उस पुरानी सोच के साथ नहीं चल रहा कि हमारी धरती पर आतंकी हमले हों और हम सिर्फ डिप्लोमैटिक होकर बयान देते रहें।

राजनाथ सिंह ने कहा कि अब किसी भी आतंकी गतिविधि को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत ने अब 'मनसा वाचा कर्मणा' में आगे बढ़कर हमने अब कर्मणा को भी अपनाया है।

वर्ल्ड ऑर्डर पर क्या बोले राजनाथ?

वैश्विक स्थिति पर राजनाथ सिंह ने कहा, 'पहले यह समझना जरूरी है कि हम किस वर्ल्ड ऑर्डर में इस समय खड़े हैं। आप जानते हैं कि इस समय पूरे दुनिया में बदलाव हो रहे हैं। कहीं टकराव है, कहीं स्थिरता है, यूरोप में तनाव है और पश्चिमी एशिया में युद्ध की विभीषका हम हर दिन देख रहे हैं। ग्लोबल ऑर्डर जिन सिद्धांतों पर टिका था वे इस समय लगातार चुनातियों का सामना कर रहे हैं। अगर मैं कहूं कि नया वर्ल्ड ऑर्डर बिना किसी ऑर्डर के है तो यह कहना गलत नहीं होगा।'

पाकिस्तान और आतंकवाद

आतंकवाद के मुद्दे पर राजनाथ सिंह ने कहा, 'आतंकवाद सिर्फ देश विरोधी काम नहीं है। इसके कई डाइमेंशन हैं और इससे तभी निपटा जा सकता है जब हम इसके तीनों डाइमेंशन- ऑपरेशनल, आइडियोलॉजिकल और पॉलिटल से निपटें। आतंकवाद का असली आईपी एड्रेस उसकी आइडियोलॉजिकल और पॉलिटिकल जमीन में मिलता है। जहां वह पनपता है और आतंकवाद का वैचारिक पोषण और राजनीतिक संरक्षण, रावण की नाभि का वह अमृत है जो एक सिर काटने से दूसरा सिर फिर से खड़ा कर देता है।'

उन्होंने आगे कहा, 'इसलिए आतंकवाद को संजीवनी देने वाली इस नाभि को सुखाना आवश्यक है। पाकिस्तान जैसे देश हमेशा आतंकवाद को समर्थन देते आए हैं। यही कारण है कि भारत और पाकिस्तान दोनों एक ही समय आजाद हुए लेकिन आज भारत को पूरी दुनिया को इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी के लिए जाना जाता है, वहीं पाकिस्तान को दूसरे IT यानी इंटरनेशनल टेररिजम का मरकज माना जाता है। '

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