Firing Near White House: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन के सबसे सुरक्षित इलाके की बात की जाए, तो ये राष्ट्रपति आवास से अलग शायद ही कुछ हो सकता है. सोचिए, अगर वहां भी फायरिंग की घटना हो जाए, वो भी तब, जब अमेरिका किसी देश के साथ युद्ध में है, तो स्थिति कितनी गंभीर हो जाती है.
रविवार को ऐसा ही हुआ और उसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. यह घटना व्हाइट हाउस के सामने स्थित लाफायेट पार्क के पास हुई. हालांकि इस फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन गोली चलाने वाला व्यक्ति अभी फरार है.
सीक्रेट सर्विस ने बताया कि पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर संदिग्ध व्यक्ति और वाहन की तलाश की जा रही है. जांच जारी है और व्हाइट हाउस के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, हालांकि वहां का सामान्य कामकाज जारी है. ये घटना और संवेदनशील इसलिए हो गई क्योंकि फायरिंग के समय डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में ही मौजूद थे. वे वीकेंड पर यहीं रुके हुए थे. हाल के दिनों में अमेरिका के हाई प्रोफाइल इलाके में यह दूसरी बड़ी सुरक्षा चिंता है. पिछले हफ्ते भी फ्लोरिडा में एक संदिग्ध विमान के कारण एफ-16 फाइटर जेट को अलर्ट पर भेजा गया था. हालांकि उस समय भी राष्ट्रपति सुरक्षित थे.
विदेश मंत्री-रक्षा मंत्री के घर के ऊपर मंडराए थे ड्रोन
इससे पहले 19 मार्च को अमेरिका में अज्ञात ड्रोन देखे जाने की घटना सामने आई थी. ये ड्रोन उस सैन्य ठिकाने के पास देखे गए थे, जहां अमेरिका के कई बड़े अधिकारी रहते हैं. यह अमेरिका का सैन्य बेस है और उन आवासों से जुड़ा बताया जा रहा है जहां मार्को रुबियो और पीट हेगसेथ जैसे वरिष्ठ लोग रहते हैं. घटना के बाद व्हाइट हाउस में उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर सुरक्षा खतरे का आकलन किया गया था. संभावित खतरे को देखते हुए दुनिया भर में अमेरिकी दूतावासों के लिए ग्लोबल सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया गया था. MacDill Air Force Base और Joint Base McGuire-Dix-Lakehurst पर सिक्योरिटी स्टेटस 'चार्ली' कर दिया गया है, जो संभावित हमले का संकेत होता है.
अब सवाल ये है कि दुनिया की सबसे एडवांस सुरक्षा व्यवस्था का दावा करने वाले सुपरपावर अमेरिका के राष्ट्रपति के घर पास फायरिंग हो जाए, उसके हाई प्रोफाइल इलाके में ड्रोन मंडरा जाएं, तो ये बात बेहद गंभीर हो जाती है. इस वक्त अमेरिका ईरान के साथ युद्ध में हैं और उसके गुरिल्ला वॉरफेयर से काफी परेशान भी है. ईरान के समर्थक दल अलग-अलग जगहों पर मौजूद हैं, ऐसे में फायरिंग लोन वुल्फ जैसा अटैक भी हो सकती है. वहीं ईरान ड्रोन टेक्नोलॉजी के बारे में बताने की जरूरत नहीं है. ऐसे में अमेरिका इस तरह के सिक्योरिटी ब्रीच को बेहद गंभीरता से ले रहा है. इस पर ज्यादा जानकारी भी लीक नहीं की जा रही है लेकिन राष्ट्रपति की सुरक्षा में कोई कोताही भी नहीं की जा रही.

