Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
सिवनी में 3 करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए रची गई खौफनाक साजिश! भोपाल से बुलाए गए शूटर ने आधी रात घर पर बरसाई गोली, 3 आरोपी गिरफ्तार

सिवनी में 3 करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए रची गई खौफनाक साजिश! भोपाल से बुलाए गए शूटर ने आधी रात घर पर बरसाई गोली, 3 आरोपी गिरफ्तार

सिवनी। शहर के बुधवारी क्षेत्र में पिछले दिनों हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का कोतवाली पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह कोई सामान्य वारदात नहीं थी, बल्कि करीब 3 करोड़ रुपये की विवादित प्रॉपर्टी को लेकर रची गई एक सुनियोजित आपराधिक साजिश थी।

इस मामले में पुलिस ने भोपाल से बुलाए गए शूटर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार है जिसकी तलाश जारी है।

Contents

पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा एवं एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है।

आधी रात चली गोली, बाल-बाल बची जान

जानकारी के अनुसार 12 जून 2026 को सुनारी मोहल्ला निवासी शैलेन्द्र चौरसिया ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि 11-12 जून की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे अज्ञात बदमाशों ने उनके घर पर गोली चलाई थी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान घर के बाहर सड़क पर गोली का खाली खोखा मिला तथा दुकान के शटर पर गोली लगने के निशान पाए गए। गोली शटर को चीरते हुए दुकान के अंदर से घर तक पहुंच गई थी।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस स्थान पर गोली लगी, वहीं फरियादी शैलेन्द्र चौरसिया रोजाना सोते थे। हालांकि घटना वाली रात किसी कारणवश वे वहां नहीं सोए थे, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस ने शुरुआती जांच में ही इसे जानलेवा हमला माना।

3 करोड़ की प्रॉपर्टी बनी खूनी साजिश की वजह

पुलिस जांच में सामने आया कि छिंदवाड़ा चौक स्थित लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य की एक विवादित प्रॉपर्टी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस संपत्ति पर फरियादी के परिजनों का कब्जा था और मामला न्यायालय में विचाराधीन था।

इसी बीच फरियादी ने विवाद से छुटकारा पाने के लिए उक्त संपत्ति को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने का एग्रीमेंट किया था। जांच में पता चला कि आरोपी अमन चौहान और गौरव दीक्षित भी इस प्रॉपर्टी से लाभ लेना चाहते थे, लेकिन उनके मंसूबे पूरे नहीं हो पा रहे थे।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने यह योजना बनाई कि यदि शैलेन्द्र चौरसिया पर जानलेवा हमला कराया जाए तो संदेह सीधे प्रॉपर्टी विवाद में शामिल अन्य पक्षों पर जाएगा और उन्हें संपत्ति पर कब्जा करने का रास्ता मिल जाएगा।

भोपाल से बुलाए गए शूटर

साजिश को अंजाम देने के लिए गौरव दीक्षित और अमन चौहान ने भोपाल से दो युवकों को बुलाया। इनके नाम निखिल वाथम और गोलू अहिरवार बताए गए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य शूटर निखिल वाथम ने देशी पिस्टल से फरियादी के घर पर फायर किया था। वहीं गोलू अहिरवार बाइक चलाकर उसे घटना स्थल तक लेकर आया था। घटना में प्रयुक्त बाइक की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर अमन चौहान ने कराई थी।

50 से ज्यादा CCTV खंगालकर पुलिस पहुंची आरोपियों तक

घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने करीब 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और विभिन्न स्थानों पर जांच की। तकनीकी साक्ष्यों एवं गहन पड़ताल के आधार पर सबसे पहले अमन चौहान की पहचान की गई। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ और अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी

  1. निखिल वाथम (25 वर्ष) निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, निशातपुरा, भोपाल - मुख्य शूटर। इसके खिलाफ पहले से मारपीट एवं आबकारी अधिनियम के मामले दर्ज हैं।
  2. गोलू अहिरवार (25 वर्ष) निवासी हाउसिंग बोर्ड गैस राहत कॉलोनी, निशातपुरा, भोपाल - घटना में सहयोगी। इसके खिलाफ भी भोपाल में मारपीट के मामले दर्ज हैं।
  3. अमन चौहान (28 वर्ष) निवासी भैरोगंज, सिवनी।

फरार आरोपी

गौरव दीक्षित (30 वर्ष) निवासी हाउसिंग बोर्ड, सिवनी - पुलिस के अनुसार घटना का मुख्य साजिशकर्ता।

पुलिस ने बरामद किए ये सामान

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल (MP22 ZE 2195), एक देशी पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक कीपैड मोबाइल फोन जब्त किया है।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

इस पूरे मामले के खुलासे में एसडीओपी सिवनी सचिन परते, थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी, प्रधान आरक्षक मुकेश गौडाने, सिद्धार्थ दुबे, सतीश इनवाती एवं प्रतीक बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी गौरव दीक्षित की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस खुलासे के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर 3 करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए किस तरह एक खौफनाक साजिश रची गई थी, जिसमें एक व्यक्ति की जान जाते-जाते बची।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Khabar Satta