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Asha Bhosle: संगीत जगत में छाया सन्नाटा! 92 साल की उम्र में आशा भोसले का निधन, फैंस की आंखें नम

Asha Bhosle: संगीत जगत में छाया सन्नाटा! 92 साल की उम्र में आशा भोसले का निधन, फैंस की आंखें नम

Kisan India 1 week ago

Asha Bhosle: भारतीय संगीत जगत से एक बहुत दुखद खबर आई है. अपनी मीठी आवाज़ से लोगों के दिलों में खास जगह बनाने वाली मशहूर गायिका आशा भोसले (Asha Bhosle) का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है.

उन्होंने अपने गानों से लाखों-करोड़ों लोगों को खुशियां दीं और लंबे समय तक संगीत की दुनिया पर राज किया. उनके जाने से संगीत जगत में एक बड़ी कमी आ गई है, जिसे भरना आसान नहीं होगा.

स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती

जानकारी के अनुसार, आशा भोसले को दिल और सांस से जुड़ी समस्याओं के चलते ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पिछले कुछ महीनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी. हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. उनके बेटे आनंद भोसले ने इस दुखद खबर की पुष्टि की.

एक शानदार और ऐतिहासिक करियर

भारतीय सिनेमा की सबसे सफल, लोकप्रिय और सबसे ज़्यादा गाने गाने वाली गायिकाओं में से एक आशा भोसले का नाम बहुत सम्मान के साथ लिया जाता है. हिंदी फिल्म संगीत में उनका मुकाबला सिर्फ उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर से ही माना जाता था. साल 1933 में संगीत से जुड़े मंगेशकर परिवार में जन्मी आशा भोसले ने बहुत छोटी उम्र, यानी सिर्फ 9 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था. उन्होंने अपना पहला फिल्मी गाना साल 1943 में गाया.

1950 के दशक तक आते-आते उन्होंने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना ली थी. इसके बाद करीब तीन दशकों तक वे लगभग हर बड़े संगीतकार की पहली पसंद बनी रहीं और लगातार हिट गाने देती रहीं.

हर अंदाज में छाई आवाज

शुरुआत में उन्हें केवल कैबरे या डांस नंबर गाने तक सीमित कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और हुनर से इस छवि को बदल दिया. उन्होंने गजल, क्लासिकल और रोमांटिक गीतों में भी अपनी अलग पहचान बनाई. फिल्म उमराव जान का 'दिल चीज क्या है' और फिल्म इजाज़त का 'मेरा कुछ सामान' जैसे गानों के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले. इसके अलावा, उन्होंने 7 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीता.

संगीत को लेकर उनका नजरिया

एक इंटरव्यू में आशा भोसले ने बताया था कि उन्हें पुराने गाने, गजल और शास्त्रीय संगीत ज्यादा पसंद हैं. उनका मानना था कि इनसे सीखने और अपनी कला को बेहतर बनाने का मौका मिलता है. उन्होंने यह भी कहा था कि आज के संगीत में अच्छे बोल कम सुनने को मिलते हैं, हालांकि कुछ नए गायकों का काम उन्हें पसंद आता था.

निजी जीवन के उतार-चढ़ाव

आशा भोसले का निजी जीवन भी काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा. कम उम्र में उन्होंने परिवार की इच्छा के खिलाफ शादी की, लेकिन बाद में यह रिश्ता टूट गया. इसके बाद उन्होंने मशहूर संगीतकार राहुल देव बर्मन से शादी की, जो उनसे उम्र में छोटे थे. दोनों की जोड़ी संगीत और निजी जीवन दोनों में काफी चर्चित रही.

आशा भोसले का जाना सिर्फ एक कलाकार का जाना नहीं है, बल्कि एक युग का अंत है. उनकी आवाज आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी. आशा भोसले ने अपने जीवन में जो मुकाम हासिल किया, वह हर कलाकार के लिए एक मिसाल है.

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