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मजदूरों को बहुत बड़ा गिफ्ट, 150 करोड़ के महंगाई भत्ते का ऐलान.. जानें अब कितनी होगी दिहाड़ी

मजदूरों को बहुत बड़ा गिफ्ट, 150 करोड़ के महंगाई भत्ते का ऐलान.. जानें अब कितनी होगी दिहाड़ी

Kisan India 2 weeks ago

Odisha News: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को राज्य के श्रमिकों के लिए महंगाई भत्ते (VDA) में बढ़ोतरी और 150 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि मजदूरों को सही वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित कामकाजी माहौल मिलना जरूरी है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि दैनिक VDA में 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो 1 अप्रैल से लागू मानी जाएगी. अब अकुशल श्रमिकों के लिए 472 रुपये, अर्ध-कुशल के लिए 522 रुपये, कुशल के लिए 572 रुपये और उच्च कुशल श्रमिकों के लिए 622 रुपये प्रतिदिन मजदूरी होगी.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025-26 में ओडिशा बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के तहत 5 लाख से ज्यादा निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है. इसके साथ ही अब तक 541 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि श्रमिकों को दी जा चुकी है. दरअसल, अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के मौके पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं कीं. इस अवसर पर 6,000 श्रमिकों को पहचान पत्र भी वितरित किए गए और शिक्षा, विवाह तथा मृत्यु सहायता से जुड़े कई लाभ भी प्रदान किए गए. मुख्यमंत्री ने राज्य में श्रम अधिकारियों के लिए 50 स्थायी कार्यालयों की आधारशिला भी रखी, जिन पर लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत आएगी.

टेक्सटाइल सेक्टर में उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे

मुख्यमंत्री ने प्रवास (माइग्रेशन) की समस्या पर भी बात करते हुए कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास और कौशल प्रशिक्षण योजनाओं के चलते अब मजबूरी में होने वाला पलायन धीरे-धीरे कम हो रहा है. उन्होंने बताया कि तिरुपुर और कोयंबटूर जैसे औद्योगिक शहरों में काम करने वाले कई श्रमिक अब ओडिशा लौट रहे हैं, क्योंकि राज्य में बढ़ते टेक्सटाइल सेक्टर में उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं.

92,000 युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी मिली

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सत्ता में आने के सिर्फ 22 महीनों में ही 92,000 युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी मिल चुकी है. इनमें से 10,000 युवा दूसरे राज्यों से वापस आकर ओडिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मजदूरों को पूरे साल काम उपलब्ध कराने के लिए सरकार 'दलखाई योजना' शुरू कर रही है. इस योजना का मकसद मजबूरी में होने वाले पलायन (दादन) को रोकना है.

श्रमिकों के कल्याण में उनके योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया

इस अवसर पर पांच श्रमिक नेताओं को मुख्यमंत्री श्रमिक बंधु सम्मान से सम्मानित किया गया. इनमें भद्रक की सुमिता महापात्र, कटक के किशोर चंद्र जेना, संबलपुर के गोकुल मेहर, भुवनेश्वर के मदन मोहन धला और बुरला (संबलपुर) के प्रशांत कुमार पाढ़ी शामिल हैं. इन सभी को श्रमिकों के कल्याण में उनके योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया.

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