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मंडियों में प्याज फेंक खाली हाथ घर लौट रहे किसान, कलेक्टर ने किसानों के लिए जारी की सलाह

मंडियों में प्याज फेंक खाली हाथ घर लौट रहे किसान, कलेक्टर ने किसानों के लिए जारी की सलाह

Kisan India 3 days ago

Onion Mandi Bhav: आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में प्याज उगाने वाले किसान इस समय भारी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं. रबी सीजन के आखिर में प्याज की कीमतें अचानक गिर गई हैं, जिससे किसानों को अपनी उपज बाजार में फेंकनी पड़ रही है या खेतों में ही फसल छोड़नी पड़ रही है.

कुरनूल कृषि मंडी में पिछले कुछ दिनों से प्याज के दाम 400 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहे, लेकिन ज्यादातर फसल सिर्फ 400- 600 रुपये में बिक रही है, जो लागत से भी काफी कम है. ऐसे में उचित दाम न मिलने से कई किसानों ने अपनी प्याज की बोरियां मंडी के कोनों में ही छोड़ दीं और निराश होकर घर लौट गए. कुछ किसानों ने तो खेत में खड़ी फसल की कटाई ही नहीं की, क्योंकि मजदूरी और ढुलाई का खर्च बिक्री से मिलने वाली रकम से ज्यादा पड़ रहा है

मार्केट यार्ड की सचिव आर. विजया लक्ष्मी ने ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ को कहा कि रबी सीजन में आमतौर पर दाम गिरते हैं, लेकिन इस बार गिरावट बहुत ज्यादा है. उन्होंने कहा कि पूरे सीजन में अधिकतम कीमत करीब 2,000 रुपये प्रति क्विंटल ही रही, जबकि अभी के दाम बेहद निराशाजनक हैं. इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं, जैसे अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते बांग्लादेश को निर्यात लगभग बंद होना, ईंधन की कमी से दूसरे राज्यों में सप्लाई प्रभावित होना और महाराष्ट्र से बेहतर क्वालिटी की प्याज का बाजार में आना.

क्यों आ रही कीमतों में गिरावट

स्थानीय प्याज आकार में तो अच्छी है, लेकिन तेज गर्मी के कारण उसके अंदर की परतें खराब हो गई हैं. इससे उसकी गुणवत्ता और स्टोर करने की क्षमता कम हो गई है, जिससे मांग भी घट गई है. उपभोक्ता, व्यापारी और रिटेलर अब सोलापुर, नासिक और लासलगांव (महाराष्ट्र) की बेहतर गुणवत्ता वाली प्याज को ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जिससे स्थानीय प्याज के दाम और गिर गए हैं.

कुरनूल मंडी में प्याज का ताजा रेट (Source- Agmarknet)

आगमन तिथिआवक (टन)किस्मन्यूनतम भाव (₹/क्विंटल)अधिकतम भाव (₹/क्विंटल)मॉडल भाव (₹/क्विंटल)
21/04/20268.10लोकल819819819
22/04/202620.80लोकल4571,071571
23/04/202615.30लोकल4151,021515
24/04/20264.50लोकल650650650
25/04/20267.90लोकललोकल719610
27/04/20265.90लोकल580671671

प्याज किसानों के लिए सलाह

अधिकारियों को चिंता है कि अगर निर्यात पर लगी पाबंदियां लंबे समय तक जारी रहीं, तो इसका असर आने वाले खरीफ सीजन पर भी पड़ सकता है. कुरनूल की कलेक्टर डॉ. ए. सिरी ने किसानों को सलाह दी है कि वे सिर्फ प्याज पर निर्भर न रहें और दूसरी फसलों की भी खेती करें, ताकि दाम में उतार-चढ़ाव से होने वाले नुकसान से बच सकें. तेलुगु राज्यों के बड़े प्याज व्यापार केंद्रों में शामिल कुरनूल में इस सीजन कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है. स्थानीय मांग कम होने और निर्यात घटने से किसान परेशान हैं और आने वाले महीनों में हालात बेहतर होने की उम्मीद कर रहे हैं.

नई खरीफ फसल आने पर दाम सुधर सकते हैं

फिलहाल कुरनूल के प्याज किसानों को मुनाफे की जगह नुकसान ही झेलना पड़ रहा है और हालात काफी मुश्किल हैं. कीमतों में आई तेज गिरावट ने उनकी कमाई छीन ली है. अधिकारियों को उम्मीद है कि जुलाई में नई खरीफ फसल आने पर दाम सुधर सकते हैं, लेकिन अभी किसान अपने घाटे की ही गिनती कर रहे हैं.

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