Dailyhunt
पंजाब में इस तारीख से शुरू हो सकती है गेहूं की खरीदी, 132 लाख टन पैदावार की है उम्मीद

पंजाब में इस तारीख से शुरू हो सकती है गेहूं की खरीदी, 132 लाख टन पैदावार की है उम्मीद

Kisan India 1 month ago

Punjab Agriculture News: पंजाब में इस साल 1 अप्रैल से गेहं की खरीद शुरू होने की उम्मीद है, जबकि पैदावार लगभग 132 लाख टन (LMT) हो सकती है. वहीं, राज्य में गेहूं खरीदी की तैयारियों की निगरानी के लिए बैठकों का दौर शुरू हो गया है.

बैठक में मंत्रियों को बताया गया कि इस साल गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल पर की जाएगी. सरकार को उम्मीद है कि इससे किसानों को उनकी उपज का उचित रेट मिलेगा.

दरअसल, गेहूं खरीदी की निगरानी के लिए बुधवार को मंत्रियों के समूह (GoM) की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुदियान, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कतरूचक, जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल और परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर शामिल हुए. इस समूह को गेहूं की खरीद की तैयारियों की निगरानी के लिए बनाया गया है और उन्होंने 2026-27 के गेहूं खरीद अभियान की पूरी समीक्षा की.

हर महीने 5 लाख टन गेहूं और 5 लाख चावल भेज रहा है

बैठक में संग्रहण क्षमता के संबंध में कहा गया कि खाद्य निगम (FCI) अगस्त 2025 से हर महीने 5 लाख गेहूं और 5 लाख चावल भेज रहा है, ताकि गेहूं के लिए पर्याप्त गोदाम की जगह सुनिश्चित की जा सके. इसके लिए सरकार का कहना है कि प्रति माह कम से कम 15 लाख टन गेहूं का परिवहन होना जरूरी है. हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फूडग्रेन के परिवहन और भंडारण की समस्या को लगातार केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है, ताकि गेहूं की खरीद और भंडारण सुचारू रूप से हो सके और किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके.

391,320 प्लास्टिक के क्रेट्स के ऑर्डर दिए गए

आगामी गेहूं खरीद और सुरक्षित भंडारण को सुनिश्चित करने के लिए विभाग कई कदम उठा रहा है. इसमें गोदामों में प्लिंथ बनाने और चावल की मिलों में खाली जगह का उपयोग करने पर विचार किया जा रहा है. इसके अलावा, जिला प्रशासन के साथ मिलकर खरीद प्रक्रिया की नियमित समीक्षा भी की जा रही है. खरीद अभियान के लिए आवश्यक सामग्री के संबंध में अब तक 391,320 प्लास्टिक के क्रेट्स के ऑर्डर दिए गए हैं, जिनमें से 231,055 क्रेट्स प्राप्त हो चुके हैं और बाकी अगले महीने तक आ जाएंगे. इसके अलावा, 675,000 लकड़ी के क्रेट्स के ऑर्डर भी दिए जा चुके हैं. गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी LPED कवर भी उपलब्ध हैं.

कमिशन एजेंटों ने अपने कमीशन की दर बढ़ाने की मांग की

बैठक में मंत्रियों को यह भी जानकारी दी गई कि कमिशन एजेंटों ने अपने कमीशन की दर बढ़ाकर 45 रुपये प्रति क्विंटल से 64 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है. इस मुद्दे को राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है. इन सब कदमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों की फसल सुरक्षित भंडारित हो और खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके. साथ ही बैठक में अनाज के भंडारण की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की गई है.

खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग खाली जगह का उपयोग करने पर विचार कर रहा है

सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के लिए, खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग प्लिंथ बनाने और चावल की मिलों में खाली जगह का उपयोग करने पर विचार कर रहा है. इसके अलावा, जिला प्रशासन के साथ मिलकर खरीद व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जा रही है. अधिकारी एफसीआई के जिला प्रबंधकों के साथ मिलकर आपातकालीन योजनाएं और वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहे हैं, ताकि फसल का सुरक्षित भंडारण और समय पर खरीद सुनिश्चित हो सके.

पंजाब में गेहूं की बंपर पैदावार होनी की उम्मीद

ऐसे इस साल पंजाब में गेहूं की बंपर पैदावार होनी की उम्मीद है, क्योंकि मौसम अभी तक अनुकूल रहा है. खास बात यह है कि पंजाब में गेहूं की खेती के लिए क्षेत्रफल और उत्पादन दोनों ही दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण फसल है. वर्ष 2018-19 में पंजाब के अंदर गेहूं की खेती का क्षेत्रफल 35.2 लाख हेक्टेयर था और उत्पादन 182.6 लाख टन रहा था, जिसकी औसत उपज 5188 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर थी.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Kisan India