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पशुपालन विभाग ने 1000 मुर्गियां मारीं.. 14000 अंडे किए नष्ट! जानिए इसके पीछे की वजह

पशुपालन विभाग ने 1000 मुर्गियां मारीं.. 14000 अंडे किए नष्ट! जानिए इसके पीछे की वजह

Kisan India 1 month ago

हाराष्ट्र के नागपुर जिले में तेजी से बर्ड फ्लू फैल रहा है. इससे मुर्गी पालकों में भय का माहौल बन गया है. पशुपालन विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने अभी तक सेमिनरी हिल्स क्षेत्र स्थित सेंट्रल हैचरी में करीब 1,000 मुर्गियों को मारा.

करीब 14000 अंडे भी वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किए गए हैं. पशुपालन विभाग ने यह कदम H5N1एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) वायरस की पुष्टि के बाद सुरक्षा के तौर पर उठाया है. वहीं, हैचरी में कम से कम 21 दिन तक कोई गतिविधि नहीं होगी और उसके बाद फिर से टेस्ट किए जाएंगे.

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हैचरी में 2024 में भी बर्ड फ्लू फैला था. अधिकारियों का मानना है कि यह वायरस आसपास के फुताला लेक में आने वाले प्रवासी पक्षियों से फैला होगा. भोपाल के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (NIHSAD) और पुणे के डिजीज इन्वेस्टिगेशन सेक्शन ने हैचरी के पोल्ट्री नमूनों में H5N1 बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि की.

पोल्ट्री की दुकानें और पक्षी बाजार बंद रखने के आदेश दिए गए

कलेक्टर विपिन इटंकर ने मंगलवार को हैचरी के आसपास 1 किलोमीटर के दायरे को संक्रमित क्षेत्र और इसके चारों ओर 9 किलोमीटर के दायरे को सर्विलांस क्षेत्र घोषित किया. संक्रमण वाले क्षेत्र में 21 दिन के लिए पोल्ट्री, अंडे, चारा से जुड़ा हर प्रकार का खरीद-बिक्री, परिवहन, मेले और प्रदर्शनियों पर रोक लगा दी गई. प्रभावित क्षेत्र में सभी तरह के पक्षियों की आवाजाही भी बंद कर दी गई है. सर्विलांस क्षेत्र में पोल्ट्री की दुकानें और पक्षी बाजार बंद रखने के आदेश दिए गए हैं.

1,250 किलो चारा भी नष्ट कर दिया गया

हैचरी में ग्रामीण किसानों को आय का जरिया देने और आम लोगों को बेचने के लिए कई तरह की पोल्ट्री पक्षियों की प्रजातियां रखी जाती हैं. प्रभावित इलाके का सर्विलांस करने के लिए नागपुर नगर निगम (NMC) के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी वहां गए. पशुपालन के संयुक्त आयुक्त सतीश राजू ने कहा कि लगभग 1,250 किलो चारा भी नष्ट कर दिया गया. उन्होंने कहा कि उसी शाम रैपिड रिस्पॉन्स टीम बनाई गई और पक्षियों को मारकर गड्ढे बनाकर सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया.

संक्रमण का पहला संदेह 10-11 मार्च के आसपास हुआ

राजू ने कहा कि संक्रमण का पहला संदेह 10-11 मार्च के आसपास हुआ और उसके बाद नमूने जांच के लिए भेजे गए. पुष्टि सोमवार को हुई. पहले संक्रमण के संकेत मिल रहे थे और इलाज की कोशिश हो रही थी, लेकिन बर्ड फ्लू की पुष्टि होने पर किसी भी स्थिति में पूरे स्टॉक को नष्ट करना जरूरी होता है, ताकि बीमारी आगे न फैले. सतीश राजू ने कहा कि स्वास्थ्य टीमों ने अब उन लोगों की निगरानी शुरू कर दी है जो पक्षियों को मारने में शामिल थे. उन्होंने कहा कि अभी तक किसी कर्मचारी में श्वसन संबंधी समस्या नहीं आई है, लेकिन सावधानी के तौर पर नमूने लिए जाएंगे.

हैचरी में कम से कम 21 दिन तक कोई गतिविधि नहीं होगी

उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल के अनुसार, हैचरी में कम से कम 21 दिन तक कोई गतिविधि नहीं होगी और उसके बाद फिर से टेस्ट किए जाएंगे. फार्म तीन महीने तक बंद रह सकता है और अधिकारियों की मंजूरी मिलने के बाद पूरी तरह से सामान्य होने में पांच-छह महीने लग सकते हैं. राजू ने कहा कि सेंट्रल हैचरी एक मातृ यूनिट के रूप में काम करती थी, जो सरकारी योजनाओं के तहत किसानों को चूजे सप्लाई करती थी. इसमें कावेरी, असील और अन्य कई नस्लें रखी गई थीं, जो अंडे और मांस दोनों के लिए उपयोग होती थीं. यह यूनिट ग्रामीण पोल्ट्री फार्मिंग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती थी.

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