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राठी गाय क्यों बनी किसानों की पहली पसंद, जानिए दूध उत्पादन से लेकर कीमत तक पूरी जानकारी

राठी गाय क्यों बनी किसानों की पहली पसंद, जानिए दूध उत्पादन से लेकर कीमत तक पूरी जानकारी

Kisan India 5 months ago

Rathi Cow : गांवों की सुबह अक्सर गायों की घंटियों की आवाज़ और दूध दुहने की हलचल से शुरू होती है. किसानों के लिए गाय सिर्फ एक पशु नहीं, बल्कि रोज़ की कमाई और परिवार की जरूरतों को पूरा करने का बड़ा सहारा होती है.

ऐसे में अगर कोई गाय ज्यादा दूध दे, कम बीमार पड़े और हर मौसम में आसानी से पाली जा सके, तो खेती-किसानी करने वालों के लिए इससे बेहतर क्या हो सकता है? ऐसी ही एक खास नस्ल है राठी गाय, जिसे किसान प्यार से 'राजस्थान की कामधेनु' भी कहते हैं. यह गाय अपनी मजबूती, ज्यादा दूध और आसान देखभाल की वजह से पूरे देश में तेजी से लोकप्रिय होती जा रही है.

राठी गाय क्यों है किसानों की पहली पसंद?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राठी गाय को भारत की बेहतरीन देशी नस्लों में गिना जाता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह किसी भी इलाके-चाहे गर्म, चाहे सूखा-में आसानी से खुद को ढाल लेती है. राजस्थान की गर्म हवाओं से लेकर पंजाब और हरियाणा के ठंडे मौसम तक, यह गाय हर जगह बिना किसी परेशानी के रह सकती है. किसानों के बीच यह इसलिए भी मशहूर है क्योंकि यह एक दिन में 12 से 15 लीटर तक दूध देती है, जबकि अच्छी देखभाल मिलने पर 18 लीटर प्रति दिन तक दूध देने की क्षमता भी रखती है. यही वजह है कि छोटी और बड़ी डेयरी दोनों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.

राठी गाय की पहचान कैसे करें?

राठी गाय को देखकर ही अक्सर लोग पहचान लेते हैं, क्योंकि इसका शरीर एकदम संतुलित और खूबसूरत दिखाई देता है. इसका रंग ज्यादातर भूरा होता है, जिस पर सफेद धब्बे बने होते हैं. कई बार यह सफेद धब्बों के साथ काले रंग में भी पाई जाती है. इस गाय का मुंह चौड़ा और आंखों के बीच थोड़ा झुका होता है, जिससे इसका चेहरा आकर्षक दिखता है. इसके शरीर की त्वचा मुलायम और थोड़ी लटकी हुई होती है, जो गर्मी को सहने में मदद करती है. इसके सींग बाहर की ओर से ऊपर मुड़कर भीतर की तरफ झुकते हैं और आकार में छोटे या मध्यम होते हैं. एक वयस्क राठी गाय की ऊंचाई लगभग 114 सेंटीमीटर और वजन 280-300 किलो तक होता है.

कितनी देती है दूध? जानिए इसकी असली क्षमता

दूध उत्पादन की बात करें तो राठी गाय कई विदेशी नस्लोंको भी मात दे देती है. एक ब्यांत में यह गाय 1000 से 2800 किलो तक दूध दे सकती है. आमतौर पर यह रोज़ाना 8 से 12 लीटर तक दूध देती है, लेकिन अच्छी खुराक, नियमित देखभाल और साफ-सुथरे माहौल में यह आंकड़ा 15 से 18 लीटर तक पहुंच सकता है. इस नस्ल की गाय का पहला ब्यांत तब होता है जब इसकी उम्र 36 से 52 महीने होती है. राठी गाय का एक पूरा ब्यांत लगभग 15 से 20 महीने का होता है, जिसमें यह लगातार दूध देती रहती है. दूध की गुणवत्ता भी बेहतरीन होती है, जिसमें फैट की मात्रा अच्छी होती है, इसलिए किसान इस नस्ल को डेयरी के लिए बेहद उपयोगी मानते हैं.

राठी नस्ल के बैल: खेत का भरोसेमंद साथी

राठी नस्ल केवल दूध के लिए ही नहीं, बल्कि मेहनत के लिए भी जानी जाती है. इस नस्ल के बैल बेहद ताकतवर और सहनशील होते हैं. ये आसानी से 10 घंटे तक लगातार खेत में काम कर सकते हैं, वह भी तेज गर्मी में. राजस्थान, हरियाणा और गुजरात के किसान अभी भी जुताई, गाड़ी खींचने और खेतों में अन्य कामों के लिए राठी बैलों पर भरोसा करते हैं. इन बैलों की चाल तेज और ऊर्जा भरपूर होती है, जिससे खेती के समय किसानों का काफी समय और मेहनत बच जाता है.

राठी गाय की कीमत और कहां मिलती है?

जहां तक कीमत की बात है, तो राठी गाय की कीमत उसकी उम्र, स्वास्थ्‍य और दूध देने की क्षमता पर निर्भर करती है. आमतौर पर इसकी कीमत 20 हजार से 60 हजार रुपये के बीच होती है. यह गाय सबसे ज्यादा राजस्थान के गंगानगर, बीकानेर और जैसलमेर में पाई जाती है. इसके अलावा, गुजरात और हरियाणा के किसान भी इस नस्ल को तेजी से अपनाने लगे हैं, क्योंकि यह कम खर्च में ज्यादा उत्पादन देती है. यदि कोई किसान डेयरी खोलना चाहता है, तो राठी गाय शुरुआती स्तर के लिए एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है.

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