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स्मार्ट खेती से AI तकनीक तक, इंदौर में ब्रिक्स सम्मेलन से किसानों को मिल सकती है नई दिशा

स्मार्ट खेती से AI तकनीक तक, इंदौर में ब्रिक्स सम्मेलन से किसानों को मिल सकती है नई दिशा

Kisan India 2 weeks ago

ध्य प्रदेश का इंदौर शहर जल्द ही दुनिया के बड़े कृषि मंचों में शामिल होने जा रहा है. यहां जून महीने में ब्रिक्स देशों का कृषि सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें खेती-किसानी, खाद्य सुरक्षा, नई तकनीक और किसानों की आय बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.

इस बड़े आयोजन की तैयारियों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया. सरकार का कहना है कि यह सम्मेलन भारत के कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा.

9 से 13 जून तक चलेगा बड़ा कृषि सम्मेलन

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इंदौर में 9 जून से 13 जून तक ब्रिक्स कृषि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह के अधिकारियों की बैठक होगी, जबकि 12 और 13 जून को ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक आयोजित की जाएगी. इस सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका समेत ब्रिक्स समूह के कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. सम्मेलन के दौरान कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और नए समाधानों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. सरकार का मानना है कि इस मंच के जरिए भारत को अपनी कृषि ताकत दुनिया के सामने दिखाने का मौका मिलेगा.

स्मार्ट खेती और नई तकनीक पर रहेगा फोकस

इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में खेती से जुड़े कई अहम विषयों पर मंथन होगा. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सम्मेलन में खाद्य सुरक्षा, किसानों की भलाई, पोषण और मौसम की मार झेल सकने वाली स्मार्ट खेती जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा की जाएगी. इसके अलावा खेती में नई तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा. डिजिटल कृषि, रिसर्च, डेटा शेयरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों को खेती में कैसे इस्तेमाल किया जाए, इस पर विशेषज्ञ अपने सुझाव देंगे. सरकार का मानना है कि आने वाले समय में तकनीक आधारित खेती किसानों की लागत कम करेगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगी. इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने का रास्ता भी मजबूत होगा.

कृषि व्यापार और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर चर्चा

सम्मेलन में केवल खेती तक सीमित चर्चा नहीं होगी, बल्कि कृषि व्यापार और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने पर भी विचार किया जाएगा. सरकार के अनुसार, अलग-अलग देशों के बीच कृषि उत्पादों के व्यापार को आसान बनाने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर बातचीत होगी. खेती से जुड़े उत्पादों की सप्लाई चेन मजबूत करने, फसल खराब होने से बचाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि बाजार को मजबूत बनाने के उपायों पर भी चर्चा की जाएगी. सम्मेलन के अंत में सभी देशों की सहमति के बाद एक संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया जाएगा, जिसमें भविष्य की कृषि रणनीति तय की जाएगी.

दुनिया की बड़ी कृषि ताकत हैं ब्रिक्स देश

बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में होने वाला यह सम्मेलन दुनिया के कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के पास दुनिया की 42 प्रतिशत कृषि भूमि है और करीब 68 प्रतिशत किसान भी इन्हीं देशों में रहते हैं. इसके साथ ही दुनिया के कुल अनाज उत्पादन का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा भी ब्रिक्स देशों से आता है. ऐसे में यह सम्मेलन वैश्विक कृषि नीति और किसानों के भविष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इंदौर आने वाले सभी विदेशी प्रतिनिधियों का भव्य स्वागत किया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2026 को "कृषि कल्याण वर्ष" घोषित किया है और ऐसे समय में इस सम्मेलन का आयोजन प्रदेश के लिए गर्व की बात है. सरकार को उम्मीद है कि इस आयोजन से मध्य प्रदेश की पहचान देश और दुनिया में और मजबूत होगी.

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